रविवार को हरियाणा के भिवानी और पानीपत जिलों में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। भिवानी में जहां अनियंत्रित वाहन पेड़ से जा टकराया, वहीं पानीपत में काम की तलाश में सड़क किनारे बैठे मजदूरों पर मौत बनकर ट्रक चढ़ गया। इन दुर्घटनाओं में कुल 4 लोगों की जान चली गई, जबकि 12 से अधिक लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
भिवानी में शोक जताने जा रहा था परिवार
भिवानी जिले के नवा धिराणा गांव के पास रविवार दोपहर करीब 11:30 बजे एक हृदयविदारक हादसा हुआ। कलिंगा गांव का एक ब्राह्मण परिवार 'टाटा ऐस' (छोटा हाथी) में सवार होकर कालूवाला गांव में एक रिश्तेदार की मृत्यु पर शोक प्रकट करने जा रहा था। जैसे ही वाहन नवा धिराणा ढाणी के पास पहुंचा, चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया और तेज रफ्तार गाड़ी सीधे सड़क किनारे खड़े एक विशाल पेड़ से जा टकराई।
हादसे में तीन बुजुर्ग महिलाओं की मौत
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में कलिंगा गांव की तीन बुजुर्ग महिलाओं मूर्ति (60), कृष्णा (65) और फूलवती (62) की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन में करीब 15-16 लोग सवार थे, जिनमें से 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में बीरा, बलराम, नरेश, वेदप्रकाश और विनिता समेत कई अन्य शामिल हैं।
तकनीकी खराबी या लापरवाही
कलिंगा गांव के सरपंच सोनू शर्मा के अनुसार प्राथमिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि चलती गाड़ी का पहिया अचानक निकल गया था, जिस वजह से चालक संतुलन नहीं रख पाया। भिवानी के उपायुक्त (DC) साहिल गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से 3 की हालत बेहद नाजुक है और उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में रखा गया है।
पानीपत में इफ्तारी का सामान लाने का वादा कर निकला था आरिफ, ट्रक ने छीनी जान
पानीपत के नूरवाला अड्डे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक मंजर देखने को मिला। यहां मजदूरी की तलाश में सड़क किनारे बैठे मजदूरों को एक तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। इस हादसे में 5 बच्चों के पिता मोहम्मद आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल है।
आरिफ ने रखा था रोजा
आरिफ के परिजनों ने बताया कि वह बेहद गरीब था और आज रोजे से था। वह सुबह इस उम्मीद के साथ घर से निकला था कि दिनभर की दिहाड़ी से जो पैसे मिलेंगे, उससे शाम को बच्चों के लिए इफ्तारी का सामान खरीदेगा। लेकिन ट्रक चालक की लापरवाही ने उसके परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। आरिफ के पीछे उसकी पत्नी और 5 छोटे बच्चे रह गए हैं।
मजदूरों का आरोप, नशे में धुत था चालक
मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने बताया कि ट्रक चालक शराब के नशे में पूरी तरह धुत था। उसने जानबूझकर ट्रक को मजदूरों की भीड़ की तरफ मोड़ दिया। अगर मजदूर समय पर वहां से न भागते, तो मरने वालों की संख्या दर्जनों में हो सकती थी। हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। गुस्साए मजदूरों ने नूरवाला अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति पर भारी रोष जताया है।










