सट्टा किंग टी-20 वर्ल्ड कप के मैचों को लेकर लोगों से जमकर सट्टा खिलवा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में भी सट्टा किंग से जुड़े कई बड़े सिंडिकेट एक्टिव हैं, जो क्रिकेट के नाम पर लोगों की जेब हल्का करना चाह रहे हैं। लेकिन, नोएडा पुलिस ने सट्टा खिलाने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात है कि इस सिंडिकेट ने भारत-इंग्लैंड के बीच सेमीफानइल में बड़े पैमाने पर सट्टा लगवाया था, लेकिन अब सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं, तो भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबले पर सट्टा लगवाने की इच्छा अधूरी रह गई है।
मीडिया से बातचीत में एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि इस गैंग का मास्टरमाइंड विनय सहगल है, जो कि दिल्ली का रहने वाला है। वह ऐप ऑडियो के जरिये ऑनलाइन सट्टा लगवा रहा था। पुलिस को इस बाबत सूचना मिली तो जानकारी के आधार पर बताए गए स्थान पर तुरंत दबिश दी। उन्होंने बताया कि विनय सहगल के साथ ही इस गैंग से जुड़े नवदीप सिंह, राजीव शर्मा, सलील सेठ और देव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
सट्टेबाजी के अड्डे को कॉल सेंटर जैसा बनाया
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 32 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 3 टैबलेट, 3 डेस्कटॉप के साथ ही असेंबल लाइन बॉक्स और आईसी रिकॉर्डर भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि जब दबिश दी तो ऐसा नहीं लगा कि यहां पर सट्टा खिलवाया जा रहा है। आरोपियों ने इस जगह को कॉल सेंटर जैसा बना दिया था। बहरहाल आरोपियों के मोबाइल डिटेल्स, बैंक खातों समेत अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं। उम्मीद है कि इस गैंग में शामिल आरोपियों के साथ ही सट्टा खेलने वाले बड़े खिलाड़ियों के नामों का खुलासा हो पाएगा।
स्पष्टीकरण : यह खबर सट्टेबाजी को प्रमोट करने के उद्देश्य से नहीं लिखी है। भारत में सट्टा खेलना गैरकानूनी है। सट्टा खेलते पकड़े जाने पर जुर्माना और सजा या फिर दोनों हो सकती हैं। साथ ही, सट्टा खेलने से आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि सट्टेबाजी से दूर रहें और कहीं भी सट्टा खेलने की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जा सके।









