CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक कार्यक्रम में नोएडा से जुड़ी पुरानी मान्यता और अपनी सरकार के काम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें किस प्रकार से नोएडा जाने से रोकने की कोशिश की गई थी। लोगों ने कहा था कि नोएडा जाने पर मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाती है। योगी जी ने इस अंधविश्वास को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने पूछा कि क्या नोएडा उत्तर प्रदेश से बाहर है? उन्होंने साफ कहा कि वे आस्था का सम्मान करते हैं लेकिन अंधविश्वास को नहीं मानते।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब उनसे कहा गया कि नोएडा मत जाइए, वरना कुर्सी चली जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया कि कुर्सी तो एक दिन जानी ही है। ऐसे में कुर्सी के मोह में क्यों पड़ना? उन्होंने कहा, “एक दिन कुर्सी जानी है, मोह में क्यों पड़ें?” इस फैसले के बाद उन्होंने नोएडा का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकास और लोगों की समस्याओं का समाधान कुर्सी से ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने पुरानी सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछसी सरकारों के लोग इस मान्यता के कारण नोएडा आने से डरते थे।
मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता... pic.twitter.com/IA47QRsDfb
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 29, 2026
चार लाख घर खरीददारों को दिलाया हक
नोएडा पहुंचने के बाद योगी आदित्यनाथ को पता चला कि वहां बिल्डरों और घर खरीददारों के बीच चार लाख से ज्यादा मामले लंबित थे। 15-20 साल पहले लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर मकान खरीदने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन बिल्डर न तो पैसे लौटा रहे थे और न ही कब्जा दे रहे थे। हाईराइज इमारतें खंडहर बनती जा रही थीं। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं को गंभीरता से लिया और हस्तक्षेप किया। परिणामस्वरूप चार लाख घर खरीददारों को उनका हक मिला। सीएम योगी ने बताया कि उन्होंने लोगों को घरों पर कब्जा और अन्य जरूरी अधिकार दिलवाए।










