नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने अब एक विनाशकारी मोड़ ले लिया है, जहा इजरायल और अमेरिका के साझा हमलों ने न केवल ईरान के सैन्य ठिकानों बल्कि उसकी 500 साल पुरानी सांस्कृतिक पहचान 'गोलिस्तान पैलेस' को भी निशाना बनाया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध के अगले 4 से 5 हफ्तों में समाप्त होने का अनुमान लगाते हुए चेतावनी दी है कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होना अभी बाकी है।
यूनेस्को धरोहर 'गोलिस्तान पैलेस' पर हमला
इजरायल ने तेहरान स्थित 500 साल पुराने ऐतिहासिक गोलिस्तान पैलेस को निशाना बनाया, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। 16वीं सदी के इस महल का कुछ हिस्सा हमले में क्षतिग्रस्त हुआ है, हालांकि वहां रखी ऐतिहासिक वस्तुओं को पहले ही सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। यह महल सदियों तक ईरानी सत्ता का प्रमुख केंद्र और पर्यटकों का बड़ा आकर्षण रहा है।
ईरान में भारी तबाही: 742 की मौत और खामेनेई के मारे जाने की खबर
अमरीका और इजरायल द्वारा अब तक ईरान के 1000 से अधिक ठिकानों पर 2000 से ज्यादा बम गिराए जा चुके हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस भीषण बमबारी में अब तक 742 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं, जबकि 750 से अधिक लोग घायल हैं। दावा किया जा रहा है कि इस सैन्य अभियान में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और 48 अन्य शीर्ष नेता मारे गए हैं।
ट्रंप की 4 हफ्ते की डेडलाइन और 'विनाशकारी' योजना
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान अपने शेड्यूल से आगे चल रहा है और अगले 4 से 5 हफ्तों में यह जंग पूरी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमेशा से एक छोटी प्रक्रिया थी और जरूरत पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा। ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों को तुरंत मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि वहां अभी और बड़े हमले होने शेष हैं।
वैश्विक समीकरण
इस महायुद्ध में अब नया मोड़ आया है क्योंकि सऊदी अरब भी सीधे तौर पर इस लड़ाई में शामिल हो गया है। वहीं, रविवार को हुए संघर्ष में तीन अमेरिकी सेवा सदस्यों की मौत हो गई, जिन्हें ट्रंप ने 'महान' बताते हुए श्रद्धांजलि दी है। ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि इन हमलों के बाद ईरान में एक बार फिर लोकतंत्र पनप सकता है, हालांकि फिलहाल पूरा क्षेत्र बारूद के ढेर पर खड़ा है।