नई दिल्ली : इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच भड़की जंग आज चौथे दिन एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका को चुनौती देते हुए सऊदी अरब के रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से बड़ा हमला किया है।
🚨BREAKING: MASSIVE EXPLOSION AT US EMBASSY RIYADH pic.twitter.com/RNzHLhkAqr
— Spencer Hakimian (@SpencerHakimian) March 3, 2026
इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी सेना को खुली छूट देते हुए ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि 'ईरान पर अभी सबसे बड़ा हमला होना बाकी है'।
हालात की गंभीरता देखते हुए अमेरिका ने अपने सभी नागरिकों को तत्काल प्रभाव से पूरा मिडिल ईस्ट खाली करने का सख्त आदेश जारी कर दिया है।
रियाद में दूतावास पर दो ड्रोन से हमला, अमेरिका ने जारी की रेड एडवाइजरी
ईरान की तरफ से दागे गए दो ड्रोन ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर को निशाना बनाया है। हालांकि, फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में किसी के हताहत होने की फिलहाल कोई खबर नहीं है।
इसके तुरंत बाद सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी अधिकारियों ने अपने नागरिकों के लिए कड़ी एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि वे अपने घरों और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें तथा दूतावास परिसर से पूरी तरह दूर रहें। इसके साथ ही जेद्दा, रियाद और धहरान में किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान की गैर-जरूरी यात्रा करने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है।
'4 से 5 हफ्ते चलेगी जंग', व्हाइट हाउस से ट्रम्प का बड़ा ऐलान
दूतावास पर हमले के बाद सोमवार को व्हाइट हाउस से बयान देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को तबाह करने की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी सेना ईरान में बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई कर रही है और यह जंग 4 से 5 हफ्ते तक चल सकती है।
Last night, U.S. B-1 bombers, struck deep inside Iran to degrade Iranian ballistic missile capabilities. As the President stated, "we're going to destroy their missiles and raze their missile industry to the ground." pic.twitter.com/tIkIo5ugWv
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026
उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर इस सैन्य अभियान को और भी आगे बढ़ाया जाएगा। ट्रम्प ने ईरान को उसका परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू न करने की सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने इसे नजरअंदाज किया तो अमेरिका अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा।
अमेरिका का मिडिल ईस्ट छोड़ने का आदेश
खतरे को भांपते हुए अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने नागरिकों को गंभीर सुरक्षा जोखिमों के कारण तुरंत मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह दी है। इस सूची में बहरीन, कुवैत, मिस्र, लेबनान, ईरान, ओमान, इराक, कतर, इजराइल, वेस्ट बैंक और गाजा, सऊदी अरब, सीरिया, जॉर्डन, यूएई और यमन जैसे देश शामिल हैं।
दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने दुबई में अमेरिकी सेना को भी निशाना बनाया है। उधर इजराइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार हमला किया है, जिसमें हिजबुल्लाह के एक टॉप कमांडर के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा ईरान के सनंदज शहर पर हुए एक हमले में दो लोगों की मौत भी हुई है।
खामेनेई के बाद अब उनकी पत्नी मंसूरेह की भी इलाज के दौरान मौत
ईरान के लिए यह समय दोहरे झटके वाला साबित हो रहा है। सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के ठीक दो दिन बाद, उनकी पत्नी मंसूरेह खोज़स्तेह बघेरजादेह का भी सोमवार को निधन हो गया है। ईरान की सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि दो दिन पहले अमेरिका और इजराइल के जिस भीषण हमले में खामेनेई मारे गए थे, उसी हमले में मंसूरेह भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं।
इलाज के दौरान सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। 1947 में मशहद के एक प्रतिष्ठित धार्मिक परिवार में जन्मीं मंसूरेह ने 1964 में एक युवा धर्मगुरु के रूप में सक्रिय अली खामेनेई से शादी की थी।









