नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में भड़के भीषण युद्ध के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंसे भारतीयों को लेकर 4 फ्लाइट्स सुरक्षित भारत पहुंच गई हैं।
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Amid the flight disruptions in the wake of the Israel-Iran conflict from the past few days, the first flight from Abu Dhabi has landed at the Kempegowda International Airport, Bengaluru.
— ANI (@ANI) March 2, 2026
A passenger says, "... Once we got stuck in the Abu Dhabi… pic.twitter.com/j9NOFXWl78
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर पिछले 48 घंटों में इजराइल और यूएई सहित 5 प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर लंबी बातचीत की है।
वहीं, देश के अंदर भी इस अंतरराष्ट्रीय युद्ध की आंच महसूस की जा रही है; ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के विरोध में जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन हिंसक प्रदर्शन हुए हैं, जिन्हें काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा है।
दूसरी तरफ इस मुद्दे पर देश की सियासत भी गरमा गई है और सोनिया गांधी ने पीएम मोदी की चुप्पी पर तीखा हमला बोला है।
UAE से भारत लौटे यात्री, दिल्ली-बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दिखा भावुक नजारा
इजराइल-ईरान जंग शुरू होने के बाद गल्फ देशों में फंसे भारतीयों की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। अबू धाबी से एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट कर्नाटक के बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कर गई है।
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Amid flight disruptions over the past few days due to the Israel-Iran conflict, the first flight from Abu Dhabi landed at Bengaluru's Kempegowda International Airport
— ANI (@ANI) March 3, 2026
A passenger said, "It was very scary. The airline shifted us to a hotel, and… pic.twitter.com/oYkgS3RUNU
एक यात्री ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि जब उनकी फ्लाइट्स कैंसिल हो गई थीं और वे अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंस गए थे, तो एतिहाद एयरवेज ने उनका बहुत ध्यान रखा और सभी प्रभावित यात्रियों के लिए होटल बुक किए। वहीं, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर भी अबू धाबी से लौटे लोगों का उनके परिजनों ने नम आंखों से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर सुरक्षित लौटने की खुशी में परिवारों को एक-दूसरे के गले लगते और सेल्फी लेते देखा गया।
PM मोदी की 'फोन कूटनीति', 48 घंटे में 5 राष्ट्राध्यक्षों से अहम चर्चा
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद गंभीर हैं। उन्होंने पिछले 48 घंटों के भीतर पांच प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर संपर्क साधा है। पीएम मोदी ने सबसे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात कर हवाई हमलों और भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर गहन चर्चा की।
इसके अलावा उन्होंने बहरीन के किंग हमद बिन अल खलीफा, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला बिन अल-हुसैन से भी फोन पर हालात का जायजा लिया। पीएम ने इन सभी देशों के नेताओं को इस कठिन घड़ी में भारत के साथ देने का आश्वासन दिया है।
खामेनेई की मौत पर कश्मीर में उबला गुस्सा, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत का असर जम्मू-कश्मीर में भी साफ देखा जा रहा है। यहां लगातार दूसरे दिन भारी विरोध प्रदर्शन हुए हैं। हालात उस वक्त बेकाबू हो गए जब श्रीनगर के बेमिना इलाके में प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप ले लिया। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।
Srinagar, Jammu and Kashmir: The city remained shut for the second consecutive day as authorities maintained tight security following protests over the killing of Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei. Security forces were deployed on roads across Srinagar to ensure… pic.twitter.com/f6DJLUAReo
— IANS (@ians_india) March 3, 2026
पुलिस ने एहतियात के तौर पर कुछ उपद्रवी तत्वों को हिरासत में भी लिया है। तनाव को देखते हुए घाटी के शोपियां, बारामुला और बांदीपोरा जैसे प्रमुख इलाकों में लोगों ने अपनी दुकानें और बाजार पूरी तरह से बंद रखे हैं।
सोनिया गांधी का तीखा हमला: 'मोदी की चुप्पी न्यूट्रल नहीं, बल्कि सरेंडर'
इस अंतरराष्ट्रीय संकट पर अब भारत में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने मंगलवार को मोदी सरकार की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की। सोनिया गांधी ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की 'टारगेटेड हत्या' पर प्रधानमंत्री की चुप्पी न्यूट्रल नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से उनका 'सरेंडर' है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह रवैया भारत की विदेश नीति की दिशा और साख पर बड़ा शक पैदा करता है। पूर्व कांग्रेस प्रेसिडेंट ने स्पष्ट मांग की है कि जब संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा शुरू हो, तो इंटरनेशनल ऑर्डर के टूटने और सरकार की परेशान करने वाली इस चुप्पी पर सदन में खुलकर बिना किसी टालमटोल के बहस होनी चाहिए।










