Karachi Protest Against Ali Khamenei Death: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में भी हिंसक झड़प देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक झड़पों के दौरान आज 1 मार्च रविवार को अमेरिकी समुद्री सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में कम से कम 12 पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, वहीं 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। कराची पुलिस ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के वित्तीय केंद्र कराची में बढ़ रही अशांति के बीच प्रदर्शनकारियों ने राजनयिक परिसर के प्रतिबंधित एरिया की तरफ बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद गोलीबारी कर दी गई। हालांकि अब तक पाकिस्तानी अधिकारियों और अमेरिकी अधिकारियों ने हताहत लोगों की संख्या के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं बताया है।
पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद वाशिंगटन और तेल अवीव की निंदा करते हुए प्रदर्शनकारियों ने सुल्तानाबाद से माई कोलाची की ओर मार्च किया। इस दौरान भारी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए। अधिकारियों ने एमटी खान रोड और आसपास के चौराहों समेत मुख्य मार्गों को सील कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
जैसे ही तनाव बढ़ा और प्रदर्शनकारी परिसर के करीब पहुंचे, वाणिज्य दूतावास के अंदर तैनात अमेरिकी समुद्री सुरक्षा कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। मीडिया की मानें तो प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर राजनयिक सुविधा के आसपास सुरक्षा परिधि को तोड़ने की कोशिश की, जिसमें दावा किया गया कि 8 से ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हो गए।
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की इमारत में आग
पाकिस्तान के कई शहरों में भी बड़े विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। पाकिस्तान के उत्तरी शहर स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण शिया बहुल गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की इमारत में आग लगा दी। वहीं स्थानीय सरकार के प्रवक्ता शब्बीर मीर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, 'जीबी में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और इमारत को जला दिया। इससे पहले दिन में, खामेनेई के शोक मनाने और कथित हमलों का विरोध करने के लिए कई शहरों में भीड़ जमा हो गई थी।
लाहौर के मध्य शहर में सैकड़ों प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हो गए, हालांकि अधिकारियों ने तनाव बढ़ने से रोका। प्रदर्शनकारियों ने ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा करने वाले नारे लगाने से पहले राजनयिक सुविधा की ओर जाने वाली सड़क पर जुहर की नमाज भी अदा की। पुलिस ने वाणिज्य दूतावास क्षेत्र के आसपास भारी तैनाती बनाए रखी, हालांकि सभा के दौरान किसी भी हिंसा की सूचना नहीं मिली।
भारत में भी विरोध प्रदर्शन
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ और दिल्ली के जामिया नगर इलाके में भी प्रदर्शनकारियों ने भी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए है, वहीं ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। हालांकि संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था कायम रहे।








