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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में 2,23,658.17 करोड़ का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष से 10.28% अधिक है। बजट की शुरुआत गुरु नानक देव जी के संदेश के साथ हुई।

हरियाणा के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में राज्य का वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बार बजट का कुल आकार 2,23,658.17 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 10.28 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने केसरिया पगड़ी पहनकर सदन में प्रवेश किया और अपने भाषण की शुरुआत गुरु नानक देव जी के मानवीय सिद्धांतों 'किरत करो, नाम जपो, वंड छको' से की। 

इस बजट में सरकार ने तकनीक, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित किया है। आइए जानते हैं इस बजट की बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाएं।

1 लाख युवाओं को मिलेगी AI की ट्रेनिंग 
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के एक लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं को रोजगार दिलाने में भी सरकार मदद करेगी। इसके अलावा, राज्य के चार प्रमुख विभागों ने भविष्य की कार्ययोजना के प्रस्ताव दिए हैं, जिन्हें बजट में प्राथमिकता दी गई है।

किसानों के लिए बनेगा 'एग्री डिस्कॉम' नाम का नया निगम 
कृषि प्रधान राज्य होने के नाते किसानों को बड़ी राहत दी गई है। अभी तक राज्य में बिजली वितरण की जिम्मेदारी उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN व DHBVN) के पास थी, लेकिन अब सरकार एक नया बिजली निगम 'एग्री डिस्कॉम' (Agri Discom) स्थापित करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को समर्पित रूप से ट्यूबवेल कनेक्शन उपलब्ध कराना और कृषि क्षेत्र में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

हर जिले में खुलेंगे 'स्वस्थ नारी क्लीनिक' 
महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 'हर नारी, स्वस्थ नारी' योजना का ऐलान किया। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में 'स्वस्थ नारी क्लीनिक' स्थापित किए जाएंगे। ये क्लीनिक विशेष रूप से महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए समर्पित होंगे। साथ ही अगले बजट से हर विभाग को अपनी आवंटित राशि का एक निश्चित हिस्सा महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए आरक्षित रखना होगा।

पंचायती राज और सहकारिता में सुधार 
ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री ने ग्राम सभा की बैठकों के प्रारूप में बदलाव किया है। अब ग्राम सभा में छह महत्वपूर्ण बिंदुओं— विकास, नशा मुक्ति, स्वच्छ पेयजल, सफाई व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन और रखरखाव निरीक्षण पर चर्चा अनिवार्य होगी। साथ ही, पैक्स (PACS) समितियों को पेट्रोल पंपों से जोड़ा जाएगा ताकि वे मुनाफे में आ सकें। सरकार का लक्ष्य 300 समितियों को लाभप्रद स्थिति में लाने का है। 

एक ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने गर्व से साझा किया कि हरियाणा ने इतिहास में पहली बार अपने आवंटित बजट का 98 प्रतिशत खर्च किया है। उन्होंने बताया कि 2014 से 2024 के बीच राज्य के राजकोषीय घाटे में केवल 2.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछली सरकारों के दौर में 44 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। हरियाणा का लक्ष्य वर्ष 2047 तक प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने विभिन्न वर्गों से मिले करीब 5,000 सुझावों को इस बजट का हिस्सा बनाया है। 

केसरिया पगड़ी के पीछे के कूटनीतिक संकेत
सदन में मुख्यमंत्री का केसरिया पगड़ी पहनकर आना केवल एक पहनावा नहीं, बल्कि एक गहरा संकेत भी माना जा रहा है। पंजाब विधानसभा चुनाव के करीब होने और हरियाणा के सात जिलों की सीमा पंजाब से लगने के कारण, सीएम सैनी खुद को पंजाब के सरोकारों से जोड़ रहे हैं। सिखों के पवित्र केसरिया रंग के माध्यम से वह साहस, बलिदान और एकता का संदेश दे रहे हैं। हाल के महीनों में उन्होंने पंजाब के कई दौरे किए हैं और वहां खुद को पंजाब का 'छोटा भाई' बताकर भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश की है। 

विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली 
बजट पेश होने के दौरान विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक बलराम और इंदुराज ने इस बजट को निराशाजनक बताया। विपक्ष का कहना है कि सरकार केवल आंकड़ों का जाल बुन रही है, जबकि धरातल पर विकास की कमी है।

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