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Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने आत्महत्या के मामले में एक आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि ब्रेकअप को आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता है। पढ़िए पूरी खबर...

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने आत्महत्या के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि ब्रेकअप करने को आत्महत्या करने के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता। इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि संबंध टूटना कानून के तहत आपराधिक मामला नहीं हैं,और कोर्ट ने इस मामले के आरोपी को सुनवाई के दौरान जमानत देने का फैसला किया है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मानोज जैन ने कहा कि अभियोजन पक्ष की तरफ से दिए गए साक्ष्य सुसाइड करने के लिए उकसाने संबंधी जरूरी तत्वों को निर्णायक रूप से स्थापित नहीं करते हैं।

पूरा मामला क्या है?

पूरा मामला पिछले साल का है। जब 27 साल की एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता का आरोप है कि आरोपी  ने उनकी बेटी पर शादी करने का दबाव डालने के साथ-साथ धर्म परिवर्तन करने का भी प्रेशर डाला था। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी इन सभी कारणों के चलते मानसिक तनाव में आ गई थी और ब्रेकअप करने होने बाद आत्महत्या कर ली। शिकायत के अनुसार, मृतका एक स्कूल में शिक्षिका थी। वहीं आरोपी एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी और मृतका की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी।

8 साल रहे साथ फिर हुआ ब्रेकअप

कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी ने राहत की मांग की। इस दौरान उसने कोर्ट में तर्क देते हुए कहा कि वह दोनों लगभग 8 साल तक आपसी सहमति से एक साथ रहे थे और परिवार के विरोध की वजह से दोनों को फरवरी साल 2025 में अलग होना पड़ा। इसके बाद आरोपी ने बीते साल अक्टूबर में किसी दूसरी लड़की के साथ शादी कर ली। बताया जा रहा है कि इस शादी के मात्र 5 दिन बाद ही लड़की ने आत्महत्या कर ली थी।

कोर्ट ने आरोपी की दी जमानत

कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि मृतका ने पारिवारिक दबाव और अलगाव के कारण भावनात्मक रूप से परेशानी होकर तनाव के चलते ऐसा किया होगा। कोर्ट ने आगे कहा कि इसमें आरोपी की तरफ से मृतका को सुसाइड के लिए उकसाने जैसी कोई चीज सामने नहीं आ रही है। साथ अदालत ने पाया कि रिश्ते के दौरान किसी भी तरह से जबरदस्ती और उत्पीड़न की भी शिकायत सामने नहीं आई थी। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को जमानत देने का फैसला किया है।

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