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छत्तीसगढ़ सरकार इन दिनो 'सुशासन तिहार' मना रही है। इसके तहत लोगों को अपनी मांगे सरकार तक पहुंचाने का मौका दिया जा रहा है। इनमें कई रोचक मांगें भी आ रही हैं।

महेंद्र विश्वकर्मा- जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे सरकारी सुशासन तिहार में शासन की योजनाएं जनता तक पहुंच रही हैं। सुशासन तिहार में जनता से सुझाव भी मांगे गए हैं, लेकिन इनमें से कुछ मांगे हास्यास्पद हैं। इसी दौरान बस्तर जिले में कुछ अजीबो गरीब मांग पत्र सामने आए हैं। बस्तर निवासी गृहणी लक्ष्मी पुजारी ने बस की मांग की है, साथ ही दो सड़कों पर बस के लिए परमिट की मांग भी की है। उसने कापानार से जगदलपुर व्हाया-बोधेनार, ईरपा, बास्तानार, मूतनपाल, तुकांजूर, किलेपाल के आम जनता को तहसील मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 125 किमी आना-जाना करने बस संचालन के लिए और नानगुर, कवाली, नेतानार, कोलेंग, चिदगुर तुलसी तक बस सचालन हेतु अनुमति एवं परमिट मांगी गई। इस पर आरटीओ ने इस आवेदन को मुख्यालय भेज दिया। साथ ही बस मांगने के आवेदन को वित्त विभाग को भेज दिया गया है। इसके अलावा 1600 लोगों ने ड्रायविंग लायसेंस मांगे।

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आर्थिक रूप से सक्षम होने किया आवेदन

लक्ष्मी पुजारी के पति मनोज कुमार पुजारी ने बताया कि, परिवार आर्थिक रूप मजबूत होने के लिए सुशासन तिहार में बस एवं उसके लिए परमिट मांगने आवेदन दिया। उसने बताया कि दोनों सड़कों में एक भी बस नहीं चल रही है, बस चलने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

लर्निंग ड्रायविंग लायसेंस पर शिविर 28 से

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे ने बताया कि सुशासन तिहार में 1600 लोगों ने लर्निंग ड्रायविंग लायसेंस मांगे, उसके लिए आरटीओ कार्यालय में 28 अप्रैल से 6 मई तक विकासखण्ड के अनुसार शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में विकासखण्डवार प्राप्त आवेदन पत्र के आधार पर लर्निंग लायसेंस बनाए जाएंगे।

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