धमतरी। छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले के विकास कार्यों, योजनाओं और जमीनी हकीकत पर मंथन करने के लिए हरिभूमि-आईएनएच का जिला संवाद धमतरी आयोजित किया गया। संवाद कार्यक्रम का आयोजन हरदिहा साहू समाज भवन में किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक दावों को कठघरे में खड़ा करते हुए तीखे सवालों की झड़ी लगी।
हरिभूमि और आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने बेबाक अंदाज में सवाल दागे। उन्होंने कुरूद विधायक अजय चंद्राकर से सवाल किया कि धमतरी का विकास जिस गति से होना चाहिए, वह क्यों नहीं दिख रहा। स्वीकृत कार्य धरातल पर क्यों नजर नहीं आ रहे। श्री चंद्राकर ने कहा कि, बीते कांग्रेस सरकार के पांच साल डार्क ऐज के रहे और विकास प्रभावित हुआ। लेकिन अब विकास पटरी पर आ गया है।
250 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत, कई निर्माणाधीन हैं
जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा से जब डॉ. द्विवेदी ने पूछा कि धमतरी पीछे क्यों रहा और क्या विकास के लिए किसी से पूछने की जरूरत पड़ती है, तो उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि 250 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत हैं, कई निर्माणाधीन हैं। राजस्व विभाग के कार्य ऑनलाइन हो चुके हैं। राइस मिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और भुगतान एकमुश्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे चुनौती नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्यप्रणाली बताया।
ऑनलाइन सिस्टम से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से धमतरी का विकास तेज हुआ है। उन्होंने भरोसे की सरकार बताते हुए कहा कि ऑनलाइन सिस्टम से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और विकसित भारत की तर्ज पर धमतरी भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि चुनावी समीकरण के चलते नगरी-सिहावा और धमतरी विधानसभा में भाजपा को पराजय मिली, जिसका विश्लेषण कर भरपाई की जाएगी।
बीते दो वर्षों में धमतरी में तेजी से काम हुए हैं
पूर्व कैबिनेट मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने जवाब देते हुए कहा कि पिछले पांच साल कांग्रेस सरकार ने विकास ठप रखा, जिसके कारण विकास प्रभावित हुआ। हालांकि उन्होंने दावा किया कि बीते दो वर्षों में धमतरी में तेजी से काम हुए हैं। उन्होंने बताया कि नया ऑडिटोरियम और बस स्टैंड स्वीकृत हो चुके हैं। बड़ी रेललाइन, भारतमाला एक्सप्रेस नेशनल हाईवे, बाईपास रोड और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में कार्य प्रगति पर हैं। मेडिकल कॉलेज को उन्होंने नीतिगत विषय बताते हुए कहा कि इसके लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। श्री चंद्राकर ने कहा कि फोरलेन, रेल कॉरिडोर, आवास, धान खरीदी बोनस और प्रधानमंत्री जन-मन जैसी योजनाएं धरातल पर दिख रही हैं।









