पंकज गुप्ते - बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट पर पहली बार नाइट लैंडिंग का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। छत्तीसगढ़ शासन के स्टेट प्लेन से की गई इस टेस्टिंग ने यह संकेत दिया कि एयरपोर्ट अब नियमित नाइट ऑपरेशन के लिए तकनीकी रूप से तैयार होता जा रहा है।
स्टेट प्लेन से किया गया नाइट लैंडिंग टेस्ट
ट्रायल के दौरान एयरपोर्ट के सभी तकनीकी सिस्टम्स की विस्तृत जांच की गई-
- रनवे लाइटिंग सिस्टम
- एप्रोच लाइट्स
- एयर ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन
- सुरक्षा और विजिबिलिटी मानक
सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिससे एयरपोर्ट की तकनीकी क्षमता का स्तर और मजबूत साबित हुआ।
✈️ ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ता बिलासपुर! बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट में पहली बार रात्रिकालीन उड़ान (नाइट लैंडिंग) का सफल ट्रायल संपन्न हुआ। सभी तकनीकी मानक, रनवे लाइटिंग एवं एयर ट्रैफिक समन्वय परीक्षण में पूरी तरह संतोषजनक पाए गए। #Bilaspur @ChhattisgarhCMO @DPRChhattisgarh pic.twitter.com/qMAk55BKsf
— Bilaspur (@BilaspurDist) February 20, 2026
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ परीक्षण
नाइट लैंडिंग ट्रायल के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी एन. बिरेन सिंह (एयरपोर्ट डायरेक्टर) क्षेत्रीय निदेशक, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, रायपुर मौजूद रहे, एयरपोर्ट के तकनीकी और परिचालन विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने मिलकर परीक्षण की हर गतिविधि को मॉनिटर किया।
VFR से IFR अपग्रेड के बाद मिली मजबूती
हाल ही में एयरपोर्ट को VFR (Visual Flight Rules) से IFR (Instrument Flight Rules) में अपग्रेड किया गया था। इस अपग्रेड के बाद-
- एयरपोर्ट की तकनीकी क्षमता बढ़ी
- खराब मौसम में भी उड़ान संचालन संभव हुआ
- नाइट लैंडिंग की राह आसान हुई
अब सफल ट्रायल के बाद नाइट फ्लाइट ऑपरेशन जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार की उम्मीद
सफल नाइट लैंडिंग टेस्ट के बाद यात्रियों को अधिक सुविधाजनक समय पर उड़ानें मिल सकेंगी, एयरलाइन कंपनियों के लिए नई उड़ानों की संभावना बढ़ेगी, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा और बिलासपुर में आर्थिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, स्थानीय लोगों और यात्रियों में भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह है।









