IND vs NZ Final Pitch report: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले पिच को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक फाइनल मैच के लिए स्टेडियम में 'मिक्स्ड सॉयल' यानी लाल और काली मिट्टी के मिश्रण वाली पिच तैयार की गई है, जिसमें लाल मिट्टी का हिस्सा ज्यादा रहेगा।
बताया जा रहा है कि यह पिच मुंबई में खेले गए सेमीफाइनल की तरह ही बल्लेबाजों के लिए मददगार हो सकती है। उस मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 253/7 का विशाल स्कोर बनाया था। उस मैच में संजू सैमसन ने शानदार 89 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। इसी वजह से उम्मीद की जा रही है कि अहमदाबाद की पिच भी हाई-स्कोरिंग मैच के लिए अनुकूल हो सकती है।
मिक्स्ड सॉयल की पिच तैयार हो रही
रिपोर्ट के अनुसार फाइनल के लिए जिस सेंटर पिच का इस्तेमाल किया जाएगा, उसमें लाल और काली दोनों तरह की मिट्टी का मिश्रण है। हालांकि इसमें लाल मिट्टी का अनुपात ज्यादा बताया जा रहा है। लाल मिट्टी वाली पिच आम तौर पर बल्लेबाजों को बेहतर उछाल देती है, जिससे गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। ऐसे में बल्लेबाज दोनों पारियों में समान उछाल की उम्मीद कर सकते हैं। अनुमान है कि इस पिच पर पार स्कोर करीब 200 रन के आसपास रह सकता।
भारत को अहमदाबाद में मिली थी हार
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इस टी20 वर्ल्ड कप के दौरान अब तक सिर्फ एक मैच खेला गया है। उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा को 213 रन बनाकर हराया था। वहीं न्यूजीलैंड ने इस टूर्नामेंट में अहमदाबाद में एक मैच खेला है, जबकि भारत यहां दो मैच खेल चुका है। भारत का आखिरी मैच यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था, जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था।
पिच में लाल मिट्टी का हिस्सा ज्यादा?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिच में लाल मिट्टी का हिस्सा ज्यादा रखने का फैसला भारत के पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दरअसल, 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी और वह मुकाबला काली मिट्टी की पिच पर खेला गया था, जो बाद में धीमी हो गई थी।
गंभीर ने अहमदाबाद में पिच को लेकर नाराजगी जताई थी
इसके अलावा मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 70 से ज्यादा रन से हार मिली थी। इस हार को टीम मैनेजमेंट ने एक चेतावनी के तौर पर लिया और पिच की प्रकृति को लेकर ज्यादा सतर्कता बरती गई।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि टूर्नामेंट के लीग चरण के दौरान भारतीय टीम मैनेजमेंट कुछ पिचों से खुश नहीं था। गौतम गंभीर की अगुवाई वाला टीम प्रबंधन इस मुद्दे को लेकर स्थानीय क्यूरेटर से भी मिला था और पिच की तैयारियों पर चर्चा की थी।
भारत के लिए फाइनल में टीम की आक्रामक शुरुआत काफी अहम होगी। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम ने पूरे टूर्नामेंट में हाई-रिस्क और हाई-रिवॉर्ड वाली रणनीति अपनाई है। सेमीफाइनल में यह रणनीति सफल भी रही थी।
मध्यक्रम में संजू सैमसन की मौजूदगी टीम को स्थिरता देती है। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी आक्रामक बल्लेबाजी फाइनल में भी भारत के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकती है, खासकर अगर रात में नई गेंद स्विंग करती है।










