Defence stocks: तीन दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को बाजार में रिकवरी दिखी और इसका सबसे ज्यादा फायदा डिफेंस शेयरों को मिला। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड औऱ हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड जैसे शेयरों में 4 से 5 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है।
निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में 18 में से 16 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। सिर्फ Cyient DLM और Dynamatic Technologies लाल निशान में दिखे।
किस वजह से आई तेजी?
1) मिडिल ईस्ट तनाव: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर रक्षा तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे हालात में मिसाइल सिस्टम, रडार, ड्रोन, गोला-बारूद और निगरानी उपकरणों की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। यही वजह है कि निवेशकों ने डिफेंस कंपनियों में खरीदारी शुरू की। भू-राजनीतिक अनिश्चितता अक्सर इस सेक्टर के लिए पॉजिटिव ट्रिगर बनती है।
2) वैल्यू बाइंग: पिछले सत्र में डिफेंस शेयरों में करीब 1 फीसदी की गिरावट आई थी। ट्रेडर्स का कहना है कि गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर खरीदारी की। मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी सपोर्ट के कारण इस सेक्टर में लंबी अवधि का भरोसा बना हुआ है।
3) पनडुब्बी डील की चर्चा: सबसे बड़ा ट्रिगर शिपबिल्डिंग कंपनियों के लिए रहा। खबर है कि भारतीय नौसेना करीब 99000 करोड़ रुपये की डील को अंतिम रूप दे सकती है। यह सौदा जर्मन कंपनी थाईसेनकुरुप मरीन सिस्टम्स से छह पनडुब्बियों की खरीद से जुड़ा है। इन पनडुब्बियों का निर्माण मुंबई में मझगांव डॉक में होने की संभावना है। इस खबर के बाद मझगांव डॉक के शेयर करीब 5 फीसदी तक उछल गए। इसी कड़ी में कोचीन शिपयार्ड के शेयर भी 2 फीसदी से ज्यादा चढ़े।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
डिफेंस सेक्टर पिछले कुछ सालों से सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति का बड़ा लाभार्थी रहा है। निर्यात में बढ़ोतरी और बड़े ऑर्डर इस सेक्टर की मजबूती का आधार हैं। हालांकि, बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि भू-राजनीतिक खबरों पर आने वाली तेजी में उतार-चढ़ाव भी तेज हो सकता है। फिलहाल संकेत साफ हैं कि वैश्विक तनाव और संभावित बड़े सौदों की उम्मीद ने डिफेंस शेयरों में नई जान फूंक दी है।
(प्रियंका कुमारी)










