Mama Coaching Classes: मध्यप्रदेश। विदिशा के रवींद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ पहुंचे और फ्री कोचिंग के फॉर्म भरवाए। शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन पर फ्री मामा कोचिंग क्लास शुरू करने की बात कही थी। मंच से भाषण देते हुए उन्होंने अपने माता-पिता की याद में प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान की घोषणा भी की।
जानकारी के अनुसार, फ्री कोचिंग क्लास में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी और डीआरडीओ की तैयारी करवाई जाएगी। इसके लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। जो छात्र कोचिंग सेंटर तक नहीं आ पाएंगे उनके लिए ऑनलाइन क्लास अटेंड करने की भी व्यवस्था रहेगी। विदिशा, रायसेन और भैरूंदा में 100-100 छात्रों का पहला बैच शुरू होगा। इसके लिए 5 मार्च से फॉर्म मिलने शुरू हो गए हैं।
LIVE: मामा कोचिंग क्लासेस का शुभारंभ | रवींद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन, विदिशा | Vidisha#GreenBday4Shivraj https://t.co/KttcF541H3
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) March 5, 2026
प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान
अपने 66वें जन्मदिन पर शिवराज सिंह चौहान कई नई पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंच से प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान की घोषणा की। इसके तहत वे अपने संसदीय क्षेत्र के 8 विधानसभा क्षेत्र में 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को ₹51,000, ₹31,000 और ₹21,000 की सम्मान राशि देंगे। शिवराज सिंह चौहान ने यह सम्मान अपने माता-पिता की याद में शुरू किया है। उनकी मां का नाम सुंदर बाई और पिता का नाम प्रेम सिंह था। केंद्रीय मंत्री शिवराज ने यह घोषणा भी की कि, विदिशा लोकसभा के स्तर पर जो छात्र प्रथम तीन स्थान में आएंगे उन्हें विशेष बड़े पुरस्कार मिलेंगे।
मोबाइल हॉस्पिटल और दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल
चौहान ने अपने लोकसभा क्षेत्र विदिशा की सभी आठ विधानसभा सीटों के लिए मोबाइल हॉस्पिटल भी शुरुआत भी की। हर मोबाइल हॉस्पिटल में डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम होगी जो मरीजों की जांच करेगी और इलाज करेगी। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में रहने वाले दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भी बांटी।
पत्नी भी चलाती हैं कोचिंग क्लास
बता दें कि, शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह भी कोचिंग क्लास चलाती हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने 2021 में कोरोनकाल में की थी। 'संभावना' नाम से चलने वाली इस कोचिंग में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है। एमपीपीएससी में सिलेक्ट हुए कई टॉपर्स यहां से निकले हैं।










