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अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त सैन्य अभियान में तेहरान समेत 30 स्थानों पर हमला किया। खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया, क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ी।

नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच अब स्थिति युद्ध में तब्दील हो गई है। शनिवार सुबह अमेरिका और इजराइल की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर व्यापक हमले शुरू कर दिए हैं।

इस 'प्रिवेंटिव अटैक' के तहत ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति के कार्यालयों को भी निशाना बनाया गया है, जिसके बाद खामेनेई को तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने X पर लिखा-
"बस एक घंटे पहले, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिलकर ईरान के आतंकवादी शासन द्वारा उत्पन्न अस्तित्वगत खतरे को समाप्त करने के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया है। मैं अपने महान मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके ऐतिहासिक नेतृत्व और समर्थन के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं।  इस खूनी आतंकवादी व्यवस्था को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाने चाहिए, क्योंकि इससे पूरी मानवता के लिए भयानक खतरा पैदा हो जाएगा। हमारा यह संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी जनता के लिए अपनी किस्मत खुद तय करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।  हम एक साथ खड़े हैं, एक साथ लड़ेंगे और मिलकर इज़राइल की सुरक्षा को हमेशा के लिए सुनिश्चित करेंगे।"

Benjamin Netanyahu
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​संयुक्त सैन्य अभियान और तेहरान में भारी तबाही
​अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों के अनुसार, यह हमला ईरान पर की गई एक सोची-समझी जॉइंट मिलिट्री कार्रवाई का हिस्सा है। तेहरान में एक साथ 30 अलग-अलग स्थानों पर रॉकेट दागे गए हैं, जिससे पूरी राजधानी धमाकों की आवाजों से दहल गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में भारी धमाके हुए हैं और आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है। इसके अलावा मेहराबाद एयरपोर्ट के पास भी कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई है।

​परमाणु वार्ता के बीच 'प्रिवेंटिव अटैक' की रणनीति
​यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु हथियारों को सीमित करने को लेकर बातचीत चल रही थी। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ईरान ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो अमेरिका तक मार करने में सक्षम हैं। वार्ता विफल होने की आशंका और संभावित हमले के डर से इजराइल ने इसे 'प्रिवेंटिव अटैक' करार दिया है ताकि दुश्मन को हमला करने से पहले ही कमजोर किया जा सके।

​खामेनेई और ईरानी नेतृत्व को बनाया गया निशाना
​हमले का सबसे संवेदनशील हिस्सा ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर के पास हुआ धमाका है। हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि 86 वर्षीय खामेनेई हमले के वक्त वहां मौजूद थे या नहीं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। इजराइली रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरानी मंत्रालयों, राष्ट्रपति कार्यालय और शीर्ष नेतृत्व के ठिकानों को ही मुख्य रूप से लक्षित किया है।

​ईरान का एयरस्पेस बंद और इजराइल में हाई अलर्ट
​हमले के तुरंत बाद ईरान ने अपनी सभी उड़ानें रोक दी हैं और पूरे एयरस्पेस को खाली करा लिया गया है। दूसरी ओर, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने पूरे देश में 'विशेष और स्थायी आपातकाल की स्थिति' घोषित कर दी है। इजराइल में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है और नागरिकों को घरों से काम करने तथा मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका के बीच सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त सलाह दी गई है।

​वैश्विक तनाव और युद्ध की आशंका
​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले से पहले ही ईरान को चारों तरफ से घेरने की सैन्य योजना बना ली थी। हमले से ठीक पहले शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत इजराइल छोड़ने का आदेश दिया था। वर्तमान में इजराइल की सीमा पर भी एयर अटैक सायरन बज रहे हैं और संवेदनशील इलाकों को खाली कराया जा रहा है। यह संघर्ष अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है, जिससे वैश्विक शांति को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

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