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नेपाल के आम चुनाव में 60% मतदान के साथ वोटिंग प्रक्रिया खत्म हो गई है और रात 12 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।

काठमांडू: पड़ोसी देश नेपाल में ऐतिहासिक संसदीय चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। साल 2025 में हुए 'Gen Z' आंदोलन और बड़े राजनीतिक उथल-पुथल के बाद हुए इस पहले आम चुनाव में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। नेपाल चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, देशभर में लगभग 60% मतदान दर्ज किया गया है। अब सबकी नजरें रात 12 बजे से शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जिससे स्पष्ट होगा कि नेपाल की सत्ता की बागडोर किसके हाथ जाएगी।

​चुनाव के बाद पीएम सुशीला कार्की का बड़ा बयान

​मतदान खत्म होने के बाद नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने काठमांडू के धापासी स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला और एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा, "अब मेरा रोल पूरा हो चुका है"। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे जल्द से जल्द सत्ता नई चुनी हुई सरकार को सौंपना चाहती हैं और उन्हें खुशी है कि यह चुनाव बिना किसी खून-खराबे के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कार्की की सरकार पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद स्थिरता बहाल करने के उद्देश्य से बनाई गई थी।

​त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे दिग्गज नेता

​इस चुनाव में मुख्य मुकाबला तीन बड़े चेहरों के बीच माना जा रहा है। एक तरफ अनुभवी नेता केपी शर्मा ओली हैं, जिन्हें पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। दूसरी तरफ नेपाली कांग्रेस के गगन थापा हैं, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इन दोनों पारंपरिक दिग्गजों को काठमांडू के मेयर और पूर्व रैपर बलेंद्र 'बालेन' शाह से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो एक सुधारवादी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

​'Gen Z' मतदाताओं का रहा बोलबाला

​भ्रष्टाचार और पुराने तंत्र के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद इस चुनाव में युवा मतदाताओं, विशेषकर 'Gen Z' पीढ़ी की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण रही। चुनाव आयोग के मुताबिक, लगभग 10 लाख नए Gen Z मतदाताओं ने इस चुनाव के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था और मतदान केंद्रों पर उनकी लंबी कतारें देखी गईं। युवाओं की यह दिलचस्पी नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रही है, क्योंकि वे बेहतर शासन और रोजगार के नाम पर वोट डालने निकले थे।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम और मतदान का विवरण

​चुनाव को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए नेपाल सेना के समन्वय से 3,00,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। देशभर के सभी 77 जिलों में 23 हजार से ज्यादा मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग हुई। दुर्गम क्षेत्रों से मतपेटियों को लाने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई। इस बार कुल 65 राजनीतिक दल चुनावी मैदान में हैं और लगभग 1.9 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स ने नई 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा को चुनने के लिए वोट डाला।

​24 घंटे के भीतर आने लगेंगे नतीजे

​मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतपेटियों को जिला मुख्यालयों पर इकट्ठा किया जा रहा है। कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने उम्मीद जताई है कि 165 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' सीटों के परिणाम अगले 24 घंटे के भीतर आने शुरू हो जाएंगे। हालांकि, आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत बाकी 110 सीटों के अंतिम चयन और गणना में दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है।

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