वाशिंगटन: ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण जंग के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए दुनिया को चौंका दिया है। कैलिफोर्निया के तट से अमेरिका ने अपनी 'डूम्सडे मिसाइल' का सफल परीक्षण किया है, जिसे वैश्विक तनाव के इस दौर में ईरान और उसके सहयोगियों के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
Last night around 11 PM, something unusual lit up the sky off the California coast. The U.S. military launched a Minuteman III intercontinental ballistic missile from Vandenberg Space Force Base as part of a scheduled test.
— A Great American! 🇺🇸 & 🔥 (@FlagAndFire) March 5, 2026
This is the same missile system that forms part of… pic.twitter.com/Yd8GoO5VEn
हिरोशिमा से 20 गुना ज्यादा तबाही मचाने की क्षमता
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सांता बारबरा के पास वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे 'मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल' (Minuteman III) लॉन्च की गई। यह मिसाइल हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा ताकतवर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इस परीक्षण ने एक बार फिर अमेरिका की उस घातक क्षमता को साबित किया है, जो पल भर में दुश्मन के बड़े से बड़े शहर को खाक में मिला सकती है।
US tests doomsday missile off California coast - as war in Iran rages https://t.co/XjHEfMLv3y pic.twitter.com/9ljujnoK0C
— New York Post (@nypost) March 5, 2026
6700 किमी का सफर तय कर मार्शल द्वीप पर सटीक निशाना
यूएस स्पेस फोर्स के मुताबिक, यह एक निहत्था रॉकेट (GT 254) था, जिसने पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर में मार्शल द्वीप के पास अपने टार्गेट पर जाकर सटीक प्रहार किया। मिनटमैन III की मारक क्षमता लगभग 6,700 मील तक़रीबन 10,000+ किलोमीटर से अधिक है, जो इसे अमेरिका के सबसे भरोसेमंद अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) सिस्टम का हिस्सा बनाती है।
मिसाइल सिस्टम की सटीकता का सत्यापन
फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिसाइल सिस्टम की 'प्रभावशीलता, तत्परता और सटीकता' को सत्यापित करना था। 576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी व्रे ने कहा कि इस सफल लॉन्च से हमें मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग घटकों के प्रदर्शन का आकलन करने और उसे भविष्य के लिए तैयार रखने में मदद मिली है।
ईरानी नेतृत्व का अंत और मिडिल ईस्ट में खौफ
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब पूरा मिडिल ईस्ट जंग की चपेट में है। पिछले दिनों अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत भीषण हमले किए, जिसमें देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तेहरान में मौत हो गई। नेतृत्व के इस खात्मे के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाएं भी प्रबल हो गई हैं।
वैश्विक चिंता: नियमित टेस्ट या युद्ध की तैयारी?
हालांकि अमेरिकी सेना ने इस मिसाइल परीक्षण को एक 'नियमित प्रक्रिया' बताया है, लेकिन परमाणु क्षमता और क्षेत्रीय युद्ध के मौजूदा हालातों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'डूम्सडे मिसाइल' का यह शक्ति प्रदर्शन सीधे तौर पर ईरान और रूस जैसे विरोधियों को यह बताने के लिए है कि अमेरिका किसी भी परमाणु हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम है।










