मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बहुप्रतीक्षित 'नमो भारत' और 'मेरठ मेट्रो' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस परियोजना को नए भारत की बदलती तस्वीर का प्रतीक बताया। मेरठ अब देश का ऐसा पहला शहर बन गया है जहां एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल और स्थानीय मेट्रो सेवा एक साथ संचालित होंगी।
नया भारत और उत्तर प्रदेश का बदलता स्वरूप
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'नया भारत' बुनियादी ढांचे के विकास में लंबी छलांग लगा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेरठ से दिल्ली के बीच की दूरी अब मिनटों में सिमट जाएगी, जिससे न केवल आम जनता को सुविधा होगी बल्कि पूरे क्षेत्र में व्यापार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।
82 किलोमीटर का सफर अब सिर्फ 55 मिनट में
नमो भारत ट्रेन की सबसे बड़ी ताकत इसकी बेजोड़ रफ्तार है। यह आधुनिक ट्रेन दिल्ली से मेरठ के बीच की 82 किलोमीटर की कुल दूरी को मात्र 55 मिनट में तय कर लेगी। वर्तमान में सड़क मार्ग या साधारण ट्रेन से इस सफर में काफी समय लगता है, लेकिन इस रैपिड रेल के शुरू होने से यात्रियों को जाम और देरी से बड़ी राहत मिलेगी।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी द्वारा जनपद मेरठ में विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण हेतु आयोजित कार्यक्रम में... https://t.co/701HVmL7cT
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 22, 2026
एक ही ट्रैक पर चलेंगी मेट्रो और रैपिड रेल
इस परियोजना की सबसे अनूठी विशेषता इसका 'इंटीग्रेटेड मॉडल' है। मेरठ शहर के अंदर स्थानीय यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी, जबकि दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर लंबी दूरी के यात्रियों के लिए नमो भारत ट्रेन चलेगी। खास बात यह है कि दोनों ही ट्रेनें एक ही ट्रैक और बुनियादी ढांचे का उपयोग करेंगी, जो दुनिया में अपनी तरह का एक अनूठा तकनीकी संगम है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे प्रीमियम कोच
नमो भारत ट्रेनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। ट्रेन के भीतर यात्रियों के लिए हाई-स्पीड वाई-फाई, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स के साथ-साथ बेहद आरामदायक सीटें उपलब्ध होंगी। सुरक्षा के लिहाज से हर कोच में सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुखद रहे।
दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी
पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के शुरू होने से गाजियाबाद, साहिबाबाद और मेरठ के लाखों लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस कॉरिडोर के किनारे स्थित इलाकों में रियल एस्टेट, शिक्षा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट न केवल दिल्ली पर आबादी के बोझ को कम करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध होगा।
VIDEO | Meerut: PM Narendra Modi (@narendramodi) says, “Over the past 11 years, metro services have reached dozens of cities because the BJP government aims to provide citizens with convenient facilities. The people of the country deserve high-speed, jam-free, and pollution-free… pic.twitter.com/7Ow1GjYA1k
— Press Trust of India (@PTI_News) February 22, 2026
'वन ट्रैक टू ट्रेन' का विश्वस्तरीय मॉडल
इस परियोजना का सबसे अनूठा पहलू मेरठ मेट्रो और नमो भारत का एकीकृत संचालन है। मेरठ शहर के भीतर स्थानीय परिवहन के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी, जबकि लंबी दूरी के लिए नमो भारत का उपयोग किया जा सकेगा। दोनों ही सेवाएं एक ही ट्रैक और स्टेशनों का उपयोग करेंगी, जो तकनीक और प्रबंधन का एक बेजोड़ उदाहरण है। इससे शहर के अंदरूनी यातायात का बोझ कम होगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी यात्रा
यात्रियों की सुविधा के लिए नमो भारत और मेरठ मेट्रो के कोचों को विश्वस्तरीय मानकों पर तैयार किया गया है। ट्रेनों में एर्गोनोमिक सीटें, वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स और सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनों और स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों और प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स का इंतजाम किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।










