Ujjain Holi Celebrations: मध्यप्रदेश। होली के अवसर पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष आरती की गई। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची। सुबह-सुबह भस्मारती के समय भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल (Herbal gulal) अर्पित किया गया और इसी के साथ होली पर्व की शुरुआत हुई। मंदिर में केमिकल वाले रंग ले जाना मना है इस कारण सख्ती से चेकिंग की गई।
ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः 🙏🏻
— Ujjain (@ujjain_live) March 3, 2026
दिनांक 03 मार्च का ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन
होली पर्व की सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻#mahakal #ujjain #ujjainlive #harharmahadev #mahadev pic.twitter.com/LvDZJCp5Bd
बैन के चलते भक्तों को बाबा महाकाल को रंग चढ़ाने की अनुमति नहीं थी। साल 2024 में हुए घटनाक्रम के बाद मंदिर समिति ने केमिकल वाले रंग पर प्रतिबंध लगा दिया था। लगातार दूसरे साल यह प्रतिबन्ध जारी है। बाबा महाकाल के भक्त अपने अराध्य को गुलाल नहीं चढ़ा सके लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग भस्मारती में शामिल हुए।
#WATCH | Ujjain, Madhya Pradesh: A special Aarti performed at the Shri Mahakaleshwar Temple in Ujjain on the occasion of Holi. pic.twitter.com/kuDFHCwavB
— ANI (@ANI) March 3, 2026
महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा कहते हैं, "भस्म आरती के दौरान महाकाल को रंग चढ़ाए गए। भगवान को भांग से सजाया गया और बिना किसी केमिकल के बनाया गया एक खास तरह का नेचुरल रंग महाकाल को चढ़ाया गया।" श्रद्धालुओं ने प्रह्लाद की भक्ति और होलिका के अंत को याद करते हुए सत्य की विजय का संदेश लिया।
ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर का शुद्धिकरण
बता दें कि, धुलेंडी पर्व पर चंद्र ग्रहण के चलते भस्मारती के बाद बाबा महाकाल के पट शाम तक बंद नहीं किए जाएंगे। श्रद्धालु दिन भर बाबा महाकाल के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर समिति के अनुसार ग्रहण खत्म होने पर मंदिर का शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद भगवान महाकाल को भोग अर्पित किया जाएगा।










