भोपाल। पेट्रोलियम कंपनियों ने मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंपों को उधारी (क्रेडिट) पर ईंधन देने की सुविधा को फिर से शुरू कर दिया है। इससे पहले क्रेडिट पर पेट्रोल पंपों को ईंधन देने की सुविधा बंद करने से कई पेट्रोल पंप मुश्किल में पड़ गए थे। इस वजह से कई स्थानों पर पंप संचालकों को पेट्रोल खत्म के बोर्ड लगाने पड़े थे। इस निर्णय ने पूरे सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया था। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अजय सिंह ने कहा तीन दिन की क्रेडिट बहाल होने से पेट्रोल पंपों को कुछ राहत मिली है।
क्रेडिट बंद होने से बंद हुए कई पंप
पहले पेट्रोल पंप संचालकों को डिपो से टैंकर भरवाने के बाद भुगतान के लिए 5 दिन का समय मिल जाता था। इससे उन्हें कारोबारी संचालन में सहूलियत रहती थी। एक हफ्ते से यह सुविधा बिना किसी स्पष्ट कारण के बंद कर दी गई थी। अचानक लिए गए इस फैसले से छोटे और मध्यम आकार के पंप संचालक बुरी तरह प्रभावित हुए थे। क्रेडिट बहाल होने पर अब पंप संचालकों ने राहत की सांस ली है।
दोहरी परेशानी में थे पंप संचालक
वास्तव में पेट्रोल पंप संचालक दोतरफा परेशानी में फंस गए थे। एक ओर क्रेडिट बंद हो गई थी और दूसरी ओर सरकारी विभागों और अधिकारियों को की गई ईंधन सप्लाई का भुगतान अक्सर 2 से 3 महीने बाद मिलता है। इसका पंप संचालकों के कैश फ्लो पर बुरा असर पड़ता है। इसके बाद क्रेडिट बंद होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई थीं। अब क्रेडिट बहाल होने से उन्हें राहत मिली है।
प्रशासन के हस्तक्षेप से सुलझी समस्या
इस गंभीर स्थिति को लेकर पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर और मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया था। ज्ञापन में कहा गया था कि कंपनियों की ओर से क्रेडिट बंद करने का न कारण बताया गया और न सप्लाई दी जा रही है। मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी यह मुद्धा उठा। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि पेट्रोलियम कंपनियों और केंद्र सरकार से बात करके इसका समाधान निकाला जाएगा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही पेट्रोल पंपों को पुनः क्रेडिट बहाल की गई है।
अफवाहों ने बढ़ाई पेट्रोल पंपों पर भीड़
भोपाल में करीब 260 पेट्रोल पंप हैं, जबकि पूरे मध्य प्रदेश में इनकी संख्या लगभग 4500 के आसपास है। मध्य पूर्व संकट की वजह से इन दिनों कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की अफवाहों की वजह से इन दिनों पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ लगने लगी है। लोक एहतियातन पेट्रोल-डीजल का संग्रह करने में जुट गए हैं। हालांकि, प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें।