भोपाल के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन (IEHE) में शिक्षकों की कमी अब गंभीर संकट का रूप ले चुकी है। हालात ऐसे हैं कि कॉलेज को नियमित प्रोफेसरों की जगह गेस्ट फैकल्टी के सहारे पढ़ाई चलानी पड़ रही है, जिस पर हर साल करीब 65 लाख रुपए खर्च हो रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि यह पैसा छात्रों की फीस से निकाला जा रहा है, जिससे न केवल संस्थान पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है बल्कि विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
फीस से होता है गेस्ट फैकल्टी का पेमेंट
जानकारी के अनुसार, गेस्ट फैकल्टी को दिए जाने वाले मानदेय की व्यवस्था छात्रों से ली जाने वाली फीस के जरिए की जा रही है। इससे संस्थान की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। यदि नियमित प्रोफेसरों की नियुक्ति हो जाए, तो उनका वेतन शासन द्वारा दिया जाएगा और कॉलेज का यह खर्च बच सकता है।
नियमित प्रोफेसरों के अनेक पद खाली
संस्थान में कई विषयों में स्थायी शिक्षकों की कमी है। कुल मिलाकर 11 विषयों में 13 प्रोफेसरों के पद रिक्त हैं। इनमें भौतिकी और हिंदी में दो-दो पद खाली हैं, जबकि अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, कॉमर्स, जीवविज्ञान, भूगोल समेत अन्य विषयों में एक-एक पद खाली है। हालांकि पिछले वर्ष कुछ नियुक्तियां की गई थीं, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगा और सभी पद अभी भी नहीं भर पाए हैं।
गेस्ट फैकल्टी-प्रतिनियुक्ति का सहारा
शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए विभिन्न कॉलेजों से प्रोफेसरों को प्रतिनियुक्ति पर बुलाया गया है। इसके अलावा कई विषयों में गेस्ट फैकल्टी की मदद ली जा रही है। इससे पढ़ाई तो चल रही है, लेकिन स्थायित्व की कमी महसूस की जा रही है। संस्थान प्रबंधन ने उच्च शिक्षा विभाग को कई बार पत्र लिखकर नियमित प्रोफेसरों की नियुक्ति की मांग की है। स्थायी नियुक्तियां होने से न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर होगी, वित्तीय बोझ भी कम होगा।
शैक्षिक गुणवता के लिए ख्यात है कॉलेज
बता दें एक्सीलेंस कॉलेज अपनी शैक्षिक गुणवता से जाना जाता है। इसके लिए नियमित प्रोफेसर जरूरी है। डॉ उमेश कुमार अग्रवाल विक्रम कॉलेज खावरीद उज्जैन, गणित डॉ. वंदना जाट बरेली कॉलेज रायसेन और डॉ. गीता वर्मा रसायन चंद्रशेखर पीजी कॉलेज सीहोर और सतीश पिपलौदे पिपरिया कॉलेज नर्मदापुरम से एक्सीलेंस कॉलेज में पदस्थ किया गया है। अभी 11 विषयों के 13 नियमित प्रोफेसरों की कमी है।
नियुक्ति के लिए शासन को लिखा पत्र
आईईएचई के डायरेक्टर प्रो. प्रज्ञेश अग्रवाल ने कहा गेस्ट फैकल्टी के रूप में काम करने वाले शिक्षकों पर हर साल बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है। हमने नियमित प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र लिखा है। यदि इन पदों पर भर्ती होती है तो गेस्ट फैकल्टी पर होने वाला खर्च बच जाएगा। प्रो. प्रज्ञेश अग्रवाल ने कहा तब गेस्ट फैकल्टी पर खर्च होने वाली राशि कॉलेज पर विकास पर खर्च कर सकेंगे।