इंदौर में जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ी परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 मार्च को नर्मदा फेज-4 जल परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। करीब 1356 करोड़ रुपए की लागत से शुरू होने वाली इस योजना के तहत शहर में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार, नए जल कनेक्शन और टंकियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे आने वाले वर्षों में पानी की उपलब्धता में बड़ा सुधार होगा।
बिछाई जाएगी 1400 किमी लाइन
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम 29 मार्च को सुबह 11 बजे दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह परियोजना अमृत 2.0 योजना के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
परियोजना के तहत इंदौर की जल वितरण प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए 1400 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा 38.85 किमी की ग्रेविटी मेन पाइपलाइन का निर्माण भी किया जाएगा।
अमृत 2.0 के अंतर्गत माँ नर्मदा जल के चतुर्थ चरण के भूमि पूजन के साथ इंदौर में जल आपूर्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल।
— Pushyamitra Bhargav (@advpushyamitra) March 27, 2026
इस परियोजना के तहत:
🔹 1400 किमी पाइपलाइन के साथ इंदौर जलप्रदाय योजना का विस्तार
🔹 38.85 किमी ग्रेविटी मेन पाइपलाइन का निर्माण
🔹 685 किमी एवं… pic.twitter.com/YPrmOWzblZ
नए कनेक्शन और टंकियों का निर्माण
इस योजना में 685 किमी और 892 किमी की वितरण नेटवर्क पाइपलाइन शामिल हैं। साथ ही करीब 2.4 लाख नए घरेलू जल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा 40 नई ओवरहेड पानी की टंकियां भी बनाई जाएंगी, जिससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बेहतर होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर की जल आपूर्ति क्षमता में लगभग 450 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) की बढ़ोतरी होगी।
विकास की दिशा में बड़ा कदम
इसके साथ ही इंदौर शहर की कुल जल आपूर्ति क्षमता करीब 900 एमएलडी तक पहुंच जाएगी। अनुमान है कि यह क्षमता वर्ष 2045 तक शहर की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा यह परियोजना इंदौर के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। अमृत 2.0 मिशन के तहत शहर की जल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है। योजना से हर घर तक साफ पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।








