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मध्यप्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। दो साल के भीतर परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेने के लिए कहा जा सकता है।

भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के अनुसार प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना जरूरी है। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश का मतलब यह है कि जिन शिक्षकों ने अब तक टीईटी परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें निश्चित समय सीमा में यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी, अन्यथा उन्हें समय से पहले सेवा से बाहर होना पड़ेगा। इस आदेश के बाद प्रदेश के शिक्षक संगठनों में हलचल शुरू हो गई गई है। 

शिक्षकों दो साल के भीतर टीईटी करना जरूरी
 सरकारी निर्देश में यह साफ किया गया है कि प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को दो साल के भीतर टीईटी पास करना होगा। सरकार का तर्क है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी और केवल योग्य शिक्षक ही बच्चों को पढ़ा पाएंगे। यदि कोई शिक्षक निर्धारित अवधि में परीक्षा पास नहीं करता है और उसकी नौकरी में अभी पांच साल से अधिक समय बाकी है, तो ऐसे शिक्षकों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने या फिर विभाग द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग सवा लाख शिक्षकों पर असर पड़ने की संभावना बताई जा रही है।

इस आदेश का शिक्षक संगठनों ने किया विरोध
इस निर्णय के बाद शिक्षक संगठनों में चिंता और असंतोष का माहौल बन गया है। कई संगठनों का कहना है कि लंबे समय से पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों को इस तरह परीक्षा के आधार पर नौकरी से हटाने का फैसला उचित नहीं है। उनका मानना है कि जो शिक्षक वर्षों से शिक्षा दे रहे हैं, उनके अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसी कारण शिक्षक संगठनों ने इस मुद्दे को कानूनी स्तर पर उठाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। शासकीय शिक्षक संगठन के प्रांताध्यक्ष राकेश दुबे ने कहा इस विषय पर पहले सरकार से चर्चा की जाएगी और समाधान निकालने की कोशिश होगी। 

कोर्ट के आदेश के पालन में उठाया यह कदम
राकेश दुबे ने कहा यदि बातचीत से कोई रास्ता नहीं निकलता है, तो संगठन सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न्यायालय के आदेश के पालन में उठाया गया है। भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार के अनुसार विभाग ने सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य रूप से पास किया जाए। 

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