हरियाणा कांग्रेस के भीतर मची रार अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों में घिरे पार्टी के 5 विधायकों में से 3 के लिए आज जवाब देने का अंतिम दिन है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यदि तय समय तक शोकॉज नोटिस का जवाब नहीं मिला, तो अनुशासन समिति इन विधायकों के निलंबन या निष्कासन जैसे कड़े कदम उठा सकती है।
इन 3 विधायकों पर टिकी नजरें
पार्टी ने क्रॉस वोटिंग के मामले में कुल 5 विधायकों को नोटिस जारी किया था। इनमें से नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और रतिया विधायक जरनैल सिंह ने अपना जवाब भेज दिया है, जिसमें उन्होंने खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताते हुए क्रॉस वोटिंग के आरोपों को सिरे से नकारा है।अब सबकी नजरें इन 3 विधायकों पर हैं जिन्होंने अभी तक जवाब नहीं दिया है-मोहम्मद इजरायल (हथीन विधायक),मोहम्मद इलियास (पुन्हाना विधायक),रेनू बाला (सढ़ौरा विधायक)।
राहुल गांधी और खड़गे की मौजूदगी में होगा फैसला
कांग्रेस हाईकमान इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। सूत्रों की मानें तो इन विधायकों के भविष्य का फैसला 30 मार्च को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। इस बैठक में राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रह सकते हैं। इसके बाद अप्रैल के पहले हफ्ते में चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में DPC की मीटिंग होगी, जिसमें अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा।
विधायकों के तीखे तेवर: निशाने पर 'हुड्डा खेमा'
नोटिस के जवाब और सार्वजनिक बयानों में विधायकों ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं:
- मोहम्मद इजरायल: "मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया। सीएम पूरे हरियाणा के हैं, सिर्फ एक पार्टी के नहीं।"
- रेनू बाला: "राजनीतिक कारणों से मेरा नाम उछाला जा रहा है। कुछ लोग हरियाणा की राजनीति को मुट्ठी में करना चाहते हैं।" (इशारा भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर)।
- जरनैल सिंह: "हुड्डा का नाम जिंदा रखने के लिए हम दूसरों से लड़े, लेकिन अब पार्टी में पसंद-नापसंद का खेल चल रहा है।"
- मोहम्मद इलियास: हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की उनकी फोटो वायरल होने के बाद अटकलें और तेज हो गई हैं।
संगठनात्मक कार्रवाई की तैयारी
पार्टी न केवल सदस्यता पर बल्कि इन विधायकों को संगठनात्मक पदों से हटाने पर भी विचार कर रही है। दिल्ली की बैठक में प्रदेश के पांचों सांसदों (दीपेंद्र हुड्डा, वरुण मुलाना, जयप्रकाश जेपी, सतपाल ब्रह्मचारी और कुमारी सैलजा) के भी शामिल होने की उम्मीद है, जिससे गुटबाजी को खत्म करने और अनुशासन बनाए रखने का कड़ा संदेश दिया जा सके।
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