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परिजनों ने लिखित में दी माफी और 18 के होने के बाद विदा करने का वादा किया।

हरियाणा के जींद जिले में बाल विवाह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।वीरवार को भिवानी रोड स्थित एक घर में 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी की रस्में चल रही थीं, तभी पुलिस और दुर्गा शक्ति की टीम ने छापा मारकर शादी रुकवा दी। पुलिस के पहुंचते ही शादी के जश्न में खलल पड़ गया और मेहमान खाना छोड़कर वहां से खिसक लिए।

बैंड-बाजा बंद, बाराती और मेहमान भागे
फतेहाबाद से आई बारात में बाराती ढोल-नगाड़ों की थाप पर डांस कर रहे थे और करीब 250 मेहमान खाना खा चुके थे। दूल्हा अपनी 9 साल छोटी नाबालिग दुल्हन को ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार था। इसी बीच गुप्त सूचना के आधार पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस की गाड़ी देखते ही शादी वाले घर में हड़कंप मच गया और जश्न का माहौल सन्नाटे में बदल गया।

दस्तावेजों में 16 साल की निकली लड़की
जांच टीम के सदस्य रवि ने बताया कि मौके पर पहुंचकर जब लड़की के उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई, तो वह केवल 16 साल की पाई गई, जबकि दूल्हा 25 साल का था। कानूनन लड़की की शादी की उम्र 18 साल अनिवार्य है। पुलिस ने तुरंत शादी रुकवा दी और दोनों पक्षों को बाल विवाह निषेध कानून के बारे में विस्तार से समझाया।

₹4 लाख खर्च, पर बिना दुल्हन लौटी बारात
परिजनों ने बताया कि उन्होंने शादी की तैयारियों और मेहमानों के स्वागत में करीब 4 लाख रुपए खर्च किए थे, लेकिन कानून के हस्तक्षेप के बाद सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। पुलिस ने परिजनों को चेतावनी दी कि नाबालिग की शादी करना गंभीर अपराध है, जिसमें 2 साल की कैद और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

परिजनों ने लिखित में दी माफी
प्रशासन की समझाइश के बाद लड़की और लड़का दोनों पक्षों ने अपनी गलती मानी। उन्होंने पुलिस को लिखित में आश्वासन दिया कि वे अब लड़की के 18 साल पूरे होने के बाद ही उसका विवाह करेंगे। इसके बाद दूल्हा बिना दुल्हन के ही अपनी बारात लेकर वापस लौट गया। 

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