हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता के दावों के बीच सोनीपत से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जिले के गांव बिधलान स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड की फ्लाइंग टीम ने सामूहिक नकल के एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है, 12वीं कक्षा की भूगोल की परीक्षा के दौरान दो महिला पीजीटी शिक्षक और एक चपरासी छात्रों को अवैध तरीके से मदद पहुंचाते हुए रंगे हाथों धरे गए।
RAF का औचक निरीक्षण
यह पूरी कार्रवाई हरियाणा बोर्ड के चेयरमैन द्वारा गठित 'विशेष रैपिड एक्शन फोर्स' (RAF) की टीम ने की। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि बिधलान के सरकारी स्कूल में नियमों को ताक पर रखकर परीक्षार्थियों को नकल कराई जा रही है। जब टीम ने अचानक परीक्षा केंद्र पर धावा बोला, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कमरे में मौजूद महिला शिक्षक टीम को देखते ही अपना मुंह छिपाकर भागने लगीं, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
ये लोग थे नकल के खेल में शामिल
जांच के दौरान टीम ने पाया कि स्कूल में ही तैनात पीजीटी हिंदी मंजू देवी और पीजीटी संस्कृत वीणा कुमारी परीक्षा कक्ष में मौजूद थीं। हैरानी की बात यह है कि इन शिक्षकों की ड्यूटी वहां नहीं थी, फिर भी वे एक चपरासी की सहायता से छात्रों को उत्तर लिखवाने में मदद कर रही थीं। जिस वक्त यह छापेमारी हुई, उस कमरे में कुल 24 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे।
पर्यवेक्षक की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि जिस कमरे में यह अवैध गतिविधि चल रही थी, वहां नियुक्त आधिकारिक पर्यवेक्षक भी मौजूद था। पर्यवेक्षक की आंखों के सामने इस तरह खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ना परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसमें स्कूल प्रशासन के अन्य लोग भी संलिप्त थे।
दोषियों पर एफआईआर और सख्त कार्रवाई की तैयारी
घटना के उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्पेशल रैपिड एक्शन फोर्स की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही अपनी रिपोर्ट तैयार की है। टीम ने आरोपी दोनों महिला प्रवक्ताओं (PGT) और चपरासी के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की सिफारिश उच्च अधिकारियों से की है।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसके बाद उन्हें निलंबित या बर्खास्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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