हरियाणा के कुरुक्षेत्र में विदेश भेजने के नाम पर हुई धोखाधड़ी ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। चंडीगढ़ के शातिर वीजा एजेंटों के चंगुल में फंसी 44 वर्षीय महिला मलकीत कौर ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
बेटे के सुनहरे भविष्य का सपना बना काल
मृतका मलकीत कौर के पति बलविंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी शगुनप्रीत कौर पहले से ही कनाडा में रह रही है। बेटी की तर्ज पर ही परिवार अपने 21 वर्षीय बेटे जश्नप्रीत को भी बेहतर भविष्य के लिए विदेश भेजना चाहता था। इसी चाहत में उन्होंने अपनी जमापूंजी और उधार लिए पैसों को दांव पर लगा दिया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह फैसला उनकी पत्नी की जान ले लेगा।
चंडीगढ़ के एजेंटों ने बुना धोखाधड़ी का जाल
करीब चार महीने पहले उनकी बेटी ने जश्नप्रीत का वीजा लगवाने के लिए चंडीगढ़ के एक इमिग्रेशन सेंटर का सुझाव दिया था। वहां उनकी मुलाकात काजोल, इशिता और अमन नामक एजेंटों से हुई। इन एजेंटों ने युवक को ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा दिया और इसके बदले 25 लाख रुपये की मांग की। भरोसे में आकर परिवार ने 20 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए, जिसमें से 2 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए और 18 लाख रुपये नकद दिए गए। इस भारी-भरकम राशि का इंतजाम करने के लिए महिला ने एक आढ़ती से 17 लाख रुपये कर्ज भी लिए थे।
धमकी और दस्तावेज न लौटाने से परेशान थी महिला
पैसे हड़पने के बाद एजेंटों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। एक महीने में वीजा लगवाने का वादा करने वाले एजेंट तीन महीने तक टालमटोल करते रहे। जब मलकीत कौर ने अपने पैसे और बेटे के पासपोर्ट व शैक्षणिक दस्तावेज वापस मांगे, तो आरोपियों ने साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि 21 मार्च को हुई बातचीत के दौरान एजेंटों ने परिवार को जान से मारने की धमकी तक दे डाली। कर्ज का बोझ और एजेंटों की बदतमीजी से मलकीत कौर इतनी टूट गईं कि उन्होंने 22 मार्च को घातक कदम उठा लिया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, तीन पर मुकदमा दर्ज
जहरीला पदार्थ निगलने के बाद मलकीत कौर की हालत बिगड़ने पर उन्हें पिहोवा के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें गंभीर अवस्था में हायर सेंटर रेफर किया गया, 24 मार्च को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पिहोवा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
एसएचओ सतीश कुमार ने बताया कि मृतका के पति की शिकायत पर मुख्य आरोपी काजोल, इशिता और अमन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस वित्तीय अनियमितता और सुसाइड के लिए उकसाने के मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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