हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने का मामला अब विधायकों की सदस्यता और राजनीतिक भविष्य पर भारी पड़ने वाला है। पार्टी हाईकमान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 30 मार्च को दिल्ली में विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खुद बागियों पर कड़ा फैसला ले सकते हैं।
5 विधायकों पर लटकी निलंबन की तलवार
पार्टी की ओर से जिन 5 विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, उनमें से 4 (शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास और मोहम्मद इसराइल) ने समय सीमा बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया है। पांचवें विधायक जरनैल सिंह के पास कल तक का समय है। सूत्रों के मुताबिक, ये विधायक न केवल नोटिस को नजरअंदाज कर रहे हैं, बल्कि 'अंतरात्मा की आवाज' का हवाला देकर पार्टी लाइन के खिलाफ बयानबाजी भी कर रहे हैं।
भूपेंद्र हुड्डा ने दिया न्योता, प्रदेशाध्यक्ष भी होंगे शामिल
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से दिल्ली बैठक का न्योता मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बागी विधायकों का मामला अनुशासन समिति के पास है, जिसकी बैठक अप्रैल के पहले हफ्ते में होगी। समिति अपनी रिपोर्ट सीधे हाईकमान को सौंपेगी।
पुन्हाना विधायक की CM सैनी से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल
विवाद के बीच पुन्हाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास की मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ सामने आई तस्वीर ने कांग्रेस खेमे में खलबली मचा दी है। इस मुलाकात के बाद से ही पार्टी नेतृत्व ने अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अनुशासनहीनता दिखाने वाले विधायकों के खिलाफ निम्नलिखित कड़े कदम उठाए जा सकते हैं:
- पार्टी से निलंबन: प्राथमिक सदस्यता से तुरंत निलंबित किया जा सकता है।
- पदों से छुट्टी: संगठनात्मक पदों पर बैठे विधायकों को पदमुक्त किया जा सकता है।
- टिकट पर संकट: आगामी विधानसभा चुनावों में बागी विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं।
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