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आरोपी ने यूट्यूब से सीखी ठगी की तकनीक, फिर फर्जी ऐप डाउनलोड कर होटल स्टाफ को सात बार में कुल 6.17 लाख रुपये के फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाए। होटल के खाते में पैसे न पहुंचने पर हुई जांच में ठगी का खुलासा हुआ।

साइबर सिटी गुरुग्राम में ठगी का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। एक उच्च शिक्षित युवक ने अपनी प्रेमिका के साथ लग्जरी लाइफ जीने के लिए न केवल 133 दिन होटल में बिताए, बल्कि चेक-आउट के समय फर्जी तकनीक का सहारा लेकर होटल मालिक को लाखों रुपये का चपत लगा दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किया है।

साढ़े चार महीने में बना 6 लाख से ज्यादा का बिल 
पुलिस के अनुसार सोहना निवासी 26 वर्षीय हिमांशु एमसीए पास है। उसने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ समय बिताने के लिए डीएलएफ फेज-5 स्थित 'लाइम ट्री' होटल के सर्विस अपार्टमेंट को किराए पर लिया। हिमांशु ने यहां अक्टूबर 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक यानी लगभग 5 महीने से ज्यादा का समय बिताया। रहने, खाने और अन्य सुविधाओं को मिलाकर उसका कुल बिल 6.17 लाख रुपये तक पहुंच गया।

यूट्यूब से सीखा ठगी का तरीका 
आरोपी हिमांशु ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर फर्जी 'फोन-पे' ऐप डाउनलोड करने का तरीका सीखा था। इस ऐप की खासियत यह थी कि यह असली ऐप जैसा ही दिखता था और क्यूआर (QR) कोड स्कैन करने पर हुबहू असली जैसा ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट और मैसेज जनरेट करता था। हिमांशु ने होटल स्टाफ को झांसा देने के लिए इसी ऐप के जरिए सात बार में फर्जी भुगतान के स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप किए। 

इस तरह बनाया होटल मैनेजमेंट को बेवकूफ 
• फेक ट्रांजेक्शन डिटेल :
ऐप के जरिए वह फर्जी यूटीआर (UTR) नंबर और ट्रांजेक्शन आईडी वाला सफल पेमेंट का पेज दिखाता था।
• फर्जी मैसेज सर्विस : वह होटल के उस नंबर पर एक फर्जी मैसेज भी भेज देता था जो बैंक से लिंक था, जिससे स्टाफ को लगता था कि पैसा खाते में जमा हो गया है। 
• टेक्निकल बहानेबाजी : जब होटल मालिक ने खाते में पैसा न आने की बात कही तो उसने अपने बैंक की ओर से फर्जी मैसेज दिखाकर यह दावा किया कि उसके खाते से पैसे कट चुके हैं और सर्वर की दिक्कत के कारण वहां नहीं पहुंचे हैं। 

ऐसे दबोचा गया आरोपी 
होटल के निदेशक तपेश कुमार की शिकायत पर जब सेक्टर-53 पुलिस ने जांच शुरू की, तो पता चला कि हिमांशु ने होटल रिकॉर्ड में अपना पता गलत लिखवाया था। हालांकि, वह सोहना का रहने वाला था। पुलिस की साइबर सेल ने उसके व्हाट्सएप नंबर, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया। अंततः 25 फरवरी को पुलिस ने उसे डीएलएफ फेज-5 के पास से दबोच लिया। उसके फोन में वही फर्जी ऐप मिला, जिसके जरिए वह पेमेंट का नाटक करता था। 

अदालत ने भेजा न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने आरोपी हिमांशु के पास से वारदात में प्रयोग स्मार्टफोन जब्त कर लिया है। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या हिमांशु ने इस ऐप से किसी अन्य होटल या दुकान पर भी ठगी की है क्या। 

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