रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के पांचवें दिन ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। जब 120 आत्मसमर्पित नक्सली विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही को देखा। इनमें 1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश और झीरम हमले का मास्टरमांड चैतू भी कार्यवाही देखने पहुंचा था। आसंदी से सभापति ने पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्य धारा में लौटने पर शुभकामनाएं दी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सीएम विष्णुदेव साय से पुनर्वासित नक्सलियों ने मुलाकात की। इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे।
120 आत्मसमर्पित नक्सलियों के विधानसभा का भ्रमण पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि, आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए अच्छी नीति लाएं है। बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। 120 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा का भ्रमण किए। फोटोग्राफी सेशन के साथ पूर्व नक्सलियों से चर्चा भी अधिकारी कर रहे हैं। पूर्व नक्सलियों को आर्थिक सहायता देंगे, खेती करने जमीन देंगे। यह अच्छी नीति का परिणाम है, बड़ी तादाद में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जो नक्सली बचे हैं वह भी मुख्य धारा में जुड़ जाएंगे।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपने कक्ष में किया स्वागत
उल्लेखनीय है कि, मुलाकात के पहले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा परिसर में अपने कक्ष में पुनर्वासित नक्सलियों का स्वागत किया। उनसे संवाद किया और मुख्यधारा में लौटने के उनके फैसले की सराहना की। इस समूह के साथ नक्सली संगठन के पूर्व प्रवक्ता रूपेश भी मौजूद रहे। इनमें से सात पूर्व नक्सलियों को अध्यक्षीय दीर्घा में बैठने का अवसर दिया गया, जहां से उन्होंने प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण की कार्यवाही देखी। सदन में उस समय स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चल रही थी। पूर्व नक्सली लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजदीक से समझते नजर आए।
एक रात पहले डिप्टी सीएम विजय शर्मा के साथ किया डिनर
विधानसभा पहुंचने से पहले बीती रात गृहमंत्री श्री शर्मा ने 150 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों को डिनर पर आमंत्रित किया था। यह कार्यक्रम नया रायपुर स्थित उनके शासकीय निवास पर आयोजित हुआ। डिनर में नक्सली संगठन के पूर्व बड़े कैडर के नेता भी शामिल हुए। इसे सरकार की पुनर्वास और विश्वास बहाली की पहल के रूप में देखा जा रहा है।










