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एंटी गैंगस्टर यूनिट ने अंतरराष्ट्रीय फिरौती गिरोह का भंडाफोड़ कर पांच शार्प शूटरों को दबोचा है। ये आरोपी विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर रणदीप मलिक और दीपक बॉक्सर के इशारे पर व्यापारियों से 5 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक की रंगदारी मांग रहे थे।

हरियाणा में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सोनीपत की एंटी गैंगस्टर यूनिट (AGU) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सेक्टर-7 यूनिट की टीम ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पांच खतरनाक शार्प शूटरों को दबोच लिया है। ये आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर हरियाणा और दिल्ली के बड़े कारोबारियों को डरा-धमकाकर करोड़ों रुपये की फिरौती मांग रहे थे।

वारदात से ठीक पहले पुलिस की स्ट्राइक
एंटी गैंगस्टर यूनिट के इंचार्ज अजय धनखड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ये शार्प शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे हैं। इससे पहले कि आरोपी गोलीबारी करते या किसी की जान लेते, पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों को हथियारों समेत काबू कर लिया। इनके पास से अवैध पिस्तौल, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

रणदीप मलिक और दीपक बॉक्सर गैंग से कनेक्शन
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पकड़े गए आरोपी विदेश में शरण लिए हुए कुख्यात गैंगस्टर रणदीप मलिक और दीपक बॉक्सर के सीधे संपर्क में थे। यह गिरोह मुख्य रूप से सोनीपत, पानीपत, जींद और दिल्ली के नरेला इलाके के उद्योगपतियों को अपना निशाना बना रहा था। इन व्यापारियों से 5 करोड़ से लेकर 25 करोड़ रुपये तक की मोटी रकम फिरौती के रूप में मांगी जा रही थी।

चोरी के मोबाइल और वॉट्सएप हैकिंग का शातिर खेल 
इस गैंग के काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद अलग और तकनीकी था। आरोपी रात के समय सोते हुए लोगों के मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। सिम कार्ड बंद होने से पहले ही वे उस नंबर का उपयोग कर विदेश में बैठे अपने आकाओं के लिए वॉट्सएप अकाउंट लॉगिन करवाते थे। 
• ओटीपी का खेल : चूंकि फोन आरोपियों के पास होता था, इसलिए ओटीपी प्राप्त करना आसान हो जाता था।
• पहचान छिपाना : एक बार वॉट्सएप एक्सेस मिलने के बाद, विदेशी गैंगस्टर उसी भारतीय नंबर से व्यापारियों को वॉट्सएप कॉल कर धमकाते थे, जिससे पुलिस के लिए लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था। 

'पहल न्यूट्रिशन' था अगला निशाना 
एसीपी अजीत सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस गैंग ने सोनीपत स्थित 'पहल न्यूट्रिशन' के मालिक से रणदीप मलिक के नाम पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। गिरोह के सदस्य संस्थान की रेकी कर रहे थे और वहां फायरिंग करने की योजना बना रहे थे। पुलिस को यह भी पता चला है कि पानीपत में एक व्यापारी से मांगी गई 24 करोड़ रुपये की रंगदारी के पीछे भी इसी गिरोह का हाथ है।

आरोपियों की पहचान और पुलिस रिमांड 
गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक की पहचान आकाश के रूप में हुई है, जिस पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपी दिल्ली के नरेला (मामूरपुर) क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोपियों से एक अवैध पिस्टल, दो कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

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