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Personal finance tips: लंबी अवधि में पैसे को कैसे बढ़ाएं, ये सवाल मन में आता है तो लोगों के सामने तीन-चार विकल्प ही आते हैं। इसमें एसआईपी, एफडी और पीपीएफ सबसे आम हैं। 10 साल की अवधि में इन तीनों में से किसमें सबसे अच्छा रिटर्न मिल सकता है, आइए समझते हैं।

Personal finance tips: लंबी अवधि में पैसा बढ़ाने की बात आती है तो निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि एसआईपी, एफडी या पीपीएफ में से किसे चुनें? ये तीनों ही विकल्प भारत में बेहद लोकप्रिय लेकिन इनकी प्रकृति, रिटर्न और जोखिम एक-दूसरे से काफी अलग। ऐसे में सही चुनाव आपकी जरूरत, लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है।

अगर कोई निवेशक हर महीने 10 हजार इन तीनों विकल्पों में 10 साल तक निवेश करता है, तो उसका रिटर्न कैसा रहेगा, इसे समझना जरूरी है।

एसआईपी में 10 साल निवेश का पूरा गणित
सबसे पहले बात करते हैं एसआईपी यानी म्यूचुअल फंड में निवेश की। एसआईपी के जरिए निवेशक शेयर बाजार में धीरे-धीरे पैसा लगाते हैं, जिससे लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हालांकि इसमें बाजार का जोखिम भी शामिल होता है। 

ऐतिहासिक रूप से देखें तो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने करीब 12 फीसदी सालाना रिटर्न दिया है। इस हिसाब से अगर कोई व्यक्ति 10 साल तक हर महीने 10000 निवेश करता है, तो कुल निवेश 12 लाख रुपये होगा। इस पर अनुमानित रिटर्न 1123391 हो सकता और मैच्योरिटी अमाउंट करीब 2323391 तक पहुंच सकता। यानी एसआईपी लंबी अवधि में सबसे ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखता है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव भी रहता। 

मंथली इन्वेस्टमेंट: 10000
अवधि: 10 साल
कुल निवेश: 1200000
अनुमानित रिटर्न रेट: 12%
अनुमानित रिटर्न: 1123391
मैच्योरिटी कॉर्पस: 2323391

पीपीएफ का पैसा टैक्स फ्री रहता है
अब बात करें पब्लिक प्रोविडेंट फंड की, तो यह सरकार समर्थित स्कीम है और इसमें जोखिम लगभग न के बराबर होता है। फिलहाल पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1% सालाना है। इसमें 15 साल का लॉक-इन होता है, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता। 

अगर कोई निवेशक 15 साल तक हर महीने 10000 निवेश करता है, तो कुल निवेश 18 लाख होगा और मैच्योरिटी पर करीब 3254567 मिल सकते। इसमें 1454567 ब्याज के रूप में मिलता है। खास बात यह है कि पीपीएफ में सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। इसलिए यह सुरक्षित और टैक्स सेविंग चाहने वाले निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता।

फिक्स्ड डिपॉजिट से इनकम का पूरा हिसाब-किताब
वहीं, फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता। इसमें रिटर्न पहले से तय होता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता। आमतौर पर एफडी पर 6% से 7% तक ब्याज मिलता है। अगर कोई व्यक्ति 12 लाख को 10 साल के लिए 7% ब्याज दर पर एफडी में निवेश करता है, तो उसे करीब 1201917 ब्याज मिलेगा और कुल रकम 2401917 हो जाएगी। हालांकि, FD का रिटर्न अक्सर महंगाई को मात नहीं दे पाता, जिससे वास्तविक कमाई कम हो जाती है।

समय: 10 साल
कुल निवेश: 12 लाख
रिटर्न: 7% सालाना
ब्याज कमाया: 1201917
फाइनल कॉर्पस: 2401917

कुल मिलाकर, अगर ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और जोखिम उठा सकते हैं तो एसआईपी बेहतर है। सुरक्षित और टैक्स-फ्री विकल्प चाहिए तो पीपीएफ सही रहेगा। वहीं, गारंटीड रिटर्न और कम जोखिम के लिए एफडी एक अच्छा विकल्प है। निवेश से पहले अपने लक्ष्य और जोखिम क्षमता को जरूर समझें।

(प्रियंका कुमारी)

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