PM Modi: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की राष्ट्रपति भवन से गुलामी के प्रतीक को हटाया जाए। गुलामी का यह प्रतीक कोई और नहीं बल्कि वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा है। अब इस प्रतिमा की जगह भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी की प्रतिमा लगाई जाएगी। अपने मासिक रेडियो संबोधन मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य से देश के आजाद होने के बाद भी राष्ट्रपति भवन में अंग्रेज प्रशासकों की मूर्तियां बनी रहीं। लेकिन इसके विपरीत वहां देश के महान सपूतों को स्थान देकर सम्मानित किया जाना चाहिए था, जो कि नहीं हुआ।
भारतीय संस्कृति को प्राथमिकता
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि आज देश गुलामी की चीजों को पीछे छोड़कर भारतीय संस्कृति को महत्व देने लगा है। पीएम ने आगे कहा कि देश के राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की एक प्रतिमा थी। अब उस प्रतिमा को हटाकर उसकी जगह देश के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचार्य की प्रतिमा लगाई जाएगी।
गुलामी की मानसिकता का खात्मा
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान उन्होंने लाल किले से पंच प्रणों की बात कही थी। उनमें से एक गुलामी की मानसिकता से मुक्ति है। पीएम ने आगे कहा कि इस दिशा में राष्ट्रपति भवन की तरफ से महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। देश के राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी को सी राजगोपालाचार्य का उत्सव मनाया जाएगा और इस खास अवसर पर राष्ट्रपति भवन के केंद्रीय प्रांगण में सी राजगोपालाचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
प्रदर्शनी देखने जरूर जाएं
पीएम ने आगे कहा कि सी राजगोपालाचार्य देश के उन महान लोगों में से एक थे, जिन्होंने सत्ता को पद की तरह की नहीं बल्कि सेवा भाव की तरह से देखा था। सार्वजनिक जीवन में उनका आचरण, आत्मसंयम और स्वतंत्र चिंतन, आज भी हमें प्रेरित करता है।” प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि इसके साथ ही राजाजी उत्सव के दौरान सी राजगोपालाचार्य के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो कि 24 फरवरी से लेकर एक मार्च तक जारी रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि, “मौका निकालकर आप भी इसे देखने जरूर जाइए।”