भारत के प्रभावशाली शिक्षकों में शुमार खान सर ने पटना में आयोजित दिव्यांग होली मिलन समारोह में शिरकत की। उन्होंने दिव्यांगों के साथ होली खेली और उन्हें सभी चुनौतियों से पार पाने का भी गुरु मंत्र दिया। उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की, जिसमें उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से बड़ी मांग की।
खान सर ने कहा कि हर साल दिव्यांग होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग लोगों का मनोबल बढ़ाना है। यहां जितने भी दिव्यांग आते हैं, उन्हें जागरूक करने का उद्देश्य होता है कि पेंशन उन्हीं दिव्यांगों को होता है, जिनकी ज्यादा होती है। जो बच्चे दिव्यांग हैं, उनके लिए शिक्षा के लिए अच्छी अवसर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हर जिले में दिव्यांगों के लिए स्कूल की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा अलग से दिव्यांगों के लिए यूनिवर्सिटी और हॉस्पिटल भी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों की हालत में अवश्य सुधार लाना चाहिए वरना पूरी जिंदगी या तो किसी पर आश्रित रहेंगे या तो एक या दो हजार पर आश्रित रह जाएंगे। इसके लिए उनके लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की जानी चाहिए।
खान सर ने 107 करोड़ का प्रस्ताव ठुकराया
हाल में खान सर ने द ग्रेट इंडियन कपिल शो में खुलासा किया कि उन्होंने एक बार 107 करोड़ रुपये का प्रस्ताव ठुकराया था। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि जब भी उच्च शिक्षा की बात आती तो खर्चा सोचकर ही डर लगता था। कोटा जैसे शिक्षा केंद्रों में पढ़ना कई लोगों के लिए सपना है। आज भी छात्र ट्रेनों और बसों के किराये के लिए भी संघर्ष करते हैं।
उन्होंने बताया कि कैसे वे भीड़भाड़ वाले डिब्बे में सफर करते और कोच के दरवाजे के पास खड़े रहते क्योंकि डर रहता कि अगर अंदर गए तो जुर्माना लग जाएगा। उन्होंने बताया कि अपने इन्हीं अनुभवों के चलते मैंने गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा देने की ठानी। उन्होंने बताया कि एक कॉरर्पोरेट से 107 करोड़ रुपये का प्रस्ताव आया था, लेकिन उन्होंने गरीब बच्चों को शिक्षित करना था, इसलिए उस ऑफर को ठुकरा दिया।









