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JNU Violence: जेएनयू में बीते दिनों ABVP-लेफ्ट संगठनों के बीच हुई हिंसा में पत्थरबाजी को लेकर पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।

JNU Violence: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार देर रात ABVP-लेफ्ट संगठनों के बीच हुई हिंसा के दौरान पत्थरबाजी हुई थी, जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है।  

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया कि रविवार को देर रात जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) के नेताओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता के तहत अलग-अलग धाराओं में  सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act, PDPP Act) की धारा 3 के तहत केस दर्ज कर लिया है। 

पुलिस इस मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस कैंपस में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में लगी हुई है, वहीं घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल यूनिवर्सिटी में हालात अभी सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा कर दिया गया है।  


क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि वामदल समर्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने रविवार देर रात कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के इस्तीफे और निष्कासन से जुड़े आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर “समता जुलूस” निकाला था। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने  छात्रों से बात करने की बजाय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लोगों को उनके सामने खड़ा कर दिया। वहीं ABVP ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ABVP का आरोप है कि वाम समर्थित संगठन ने गलत सूचना फैलाकर झड़प को बढ़ावा दिया है।  

कुलपति पंडित ने पिछले दिनों में एक इंटरव्यू में यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि समुदाय 'हमेशा पीड़ित रहकर या विक्टिम कार्ड खेलकर तरक्की नहीं कर सकते', लेकिन JNUSU ने उनके इस कमेंट को 'जातिवादी' और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए 'असंवेदनशील' बताया है। JNUSU के मुताबिक इस जातिवादी कमेंट के लिए कुलपति की माफी और इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर पत्थरों और ईंटों से हमला किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें  नकाबपोश लोग कैंपस में पत्थर फेंकते और लाठियों के साथ घूमते दिखाई दे रहे हैं। 

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लेफ्ट- ABVP ने एक-दूसरे पर लगाया आरोप 

लेफ्ट से जुड़े स्टूडेंट ग्रुप्स ने आरोप लगया है कि जब वे प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए, तो  ABVP के लोगों ने उनपर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। वहीं ABVP का आरोप है कि  हिंसा शुरू होने से पहले कैंपस के अंदर नकाबपोश लोगों को घूमते हुए दिखाने वाले वीडियो शेयर किए है, जिसमें लेफ्ट-समर्थित कई छात्रों का नाम लेते हुए, ABVP ने उन पर मारपीट करने पत्थर फेंकने, वहीं महिला छात्राओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। अब इस मामले में यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर  ने लिखित शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।  

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