भारत में सट्टा खेलना कानूनी अपराध है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि विश्व भर में सट्टा खिलाने वाली पैरीमैच कंपनी भारत में भी बैन नहीं है। ऐसे में सट्टा खेलने वालों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि वो पैरामैच के माध्यम से लाखों करोड़ों रुपये का ईनाम जीत सकते हैं। अब सवाल उठता है कि क्या यह दावा सही है या नहीं? जब इस सवाल का जवाब जानने का प्रयास किया तो अलग ही कहानी उभरकर सामने आई। लेकिन, इस कहानी को बताने से पहले बताते हैं कि पैरीमैच कंपनी क्या है और किस तरह से लोगों को सट्टा खिलवा रही है।
पैरीमैच कंपनी पूरी दुनिया को खिला रही सट्टा?
गोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पैरीमैच एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी कंपनी है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के पास कुराकाओ का वैध ई-गेमिंग लाइसेंस है। इस लाइसेंस की वजह से भारतीय खिलाड़ी भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से दांव लगा सकते हैं और जीतने पर दांव की राशि से कई गुना अधिक भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। यही नहीं दावा किया गया है कि पैरीमैच ने अपने प्लेटफार्म पर यूपीआई, नेट बैंकिंग और पेटीएम वॉलेट जैसे लोकप्रिय ऑनलाइन भुगतान विधियों को भी उपलब्ध कराया है ताकि जुआ खेलने वाले बिना किसी परेशानी के राशि दांव पर लगा सकें।
भारत में पैरीमैच विश्वसनीय है या नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले बताया गया है कि पैरीमैच की स्थापना 1994 में हुई थी। यह दुनिया के कई देशों तक फैली है। ऐसे में इस कंपनी को सट्टेबाजी के लिए बेहतर विकल्प बताया जा रहा है। पैरीमैच की ओर से नए खिलाड़ियों को जोड़ने के लिए 50000 रुपये तक का 150 प्रतिशत वेलकम बोनस भी ऑफर किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह दावे सही हैं या नहीं। तो चलिये बताते हैं कि पैरीमैच को लेकर भारतीय विशेषज्ञ क्या कहते हैं।
भारत में पैरीमैच को लेकर अस्पष्ट स्थिति
सट्टा कारोबार के जानकार बताते हैं कि पैरीमैच पर प्रतिबंध लगाने वाला कोई भी विशिष्ट राष्ट्रीय कानून भारत में नहीं है, जिससे इसके कानूनी रूप से भारत में कार्य करने को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी है। हालांकि कुछ देशों में पैरीमैच कार्य करती है, लेकिन उसके कार्यों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। जानकारों ने बताया कि पैरीमैच अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस (कुराकाओ) के तहत संचालित होता है। भारत में इसका मुख्यालय नहीं है, जो कि इस कंपनी के संचालन को लेकर कानूनी स्थिति अस्पष्ट मोड़ पर आ जाती है। जानकारों ने सलाह दी है कि सट्टा खिलवाने वाली कंपनी के झांसों में आने से बचना चाहिए अन्यथा भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
डिक्सलेमर: यह खबर सट्टा कारोबार को प्रमोट करने के लिए नहीं बल्कि लोगों को इसके खिलाफ जागरूक करने के उद्देश्य से लिखी गई है। आपको भी सलाह है कि सट्टेबाजी से दूर रहें। हरिभूमि डिजिटल इस खबर में दी गई जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। इसमें दिए गए तथ्यों पर अमल करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह अनिवार्य है।










