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Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने मैसूर से फर्जी बम की धमकियों के मामले में श्रीनिवास लुईस को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

Delhi Police: दिल्ली में लगातार मिल रही फर्जी बम की धमकियों के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया है। श्रीनिवास पर आरोप है कि उसने पिछले कई महीनों में दिल्ली के कोर्ट और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे मेल भेजे थे।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रिॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की मानसिक हालत ठीक नहीं है। आरोपी को पुलिस आज दिल्ली लाएगी, जिसके बाद मामले को लेकर उससे गहनता से पूछताछ की जाएगी।

बेरोजगार है आरोपी  

पुलिस के मुताबिक, आरोपी को  मैसूर के वृंदावन लेआउट स्थित उसके घर से छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि श्रीनिवास काफी पढ़ा-लिखा है और उसके पास पोस्टग्रेजुएट की डिग्री है, लेकिन उसके पास कोई नौकरी नहीं है।

श्रीनिवास अपनी मां के साथ रहता है, जो एक रिटायर्ड सरकारी स्कूल शिक्षिका हैं। जांच में पता लगा है कि आरोपी ने लॉ स्कूल में पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन वह आखिरी साल पूरा नहीं कर सका। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि श्रीनिवास ने मानसिक हताशा के चलते अदालतों को निशाना बनाया है।  

स्कूलों को भी मिली थी धमकियां

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने दिल्ली हाई कोर्ट और कई जिला अदालतों को पिछले कुछ महीनों में 1000 से ज्यादा फर्जी धमकी भरे ईमेल भेजे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने दिल्ली के स्कूलों को भी इसी तरह की धमकी भरे ईमेल भेजे थे। क्योंकि दिल्ली में पिछले 2 सालों में 500 से ज्यादा स्कूलों और सरकारी संस्थानों को ऐसी झूठी बम की धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे में लोगों के बीच  डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।  

पुलिस करेगी गहनता से पूछताछ

पुलिस ने यह भी संदेह जताया है कि आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल करता था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल होता था। फिलहाल आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद दिल्ली लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद  फर्जी धमकियों से जुड़े कई पुराने मामलों को सुलझाया जा सकता है। 

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