Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पाकिस्तानी महिला की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने लॉन्ग टर्म वीजा के आवेदन पर विचार करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है। बता दें कि पाकिस्तानी महिला शीना नाज ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि जिसमें उसने लॉन्ग टर्म वीजा के आवेदन पर विचार करने के साथ ही उसके रेजिडेंशियल परमिट को रद्द नहीं करने का निर्देश देने की मांग की थी। हालांकि बाद में उसने अपनी याचिका वापस ले ली।
कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली हाईकोर्ट में पाकिस्तानी महिला शीना नाज की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को रद्द करने का आदेश दिया है। इसमें किसी तरह की न्यायिक समीक्षा की जरूरत नहीं है।
जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के इस आदेश में किसी भी तरह का अपवाद बनाना कोर्ट के अधिकार में नहीं आता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अदालत का दखल देना ठीक नहीं है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली। बता दें कि शीना नाज ने 23 अप्रैल को भारत के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के समक्ष लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) के लिए आवेदन किया था।
पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा सस्पेंड करने के आदेश
बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर टूरिस्ट शामिल थे। इसके बाद भारत सरकार ने देश की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं सस्पेंड करने का आदेश दिया। साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ना होगा।
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