पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में दो आरोपियों को 10 दिन की एनआईए की कस्टडी में भेज दिया है। आरोपियों का नाम तुफैल अहमद भट और जमीर अहमद अहनगर है। दोनों पर हथियार और गोला बारूद जमा करने का आरोप है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उमर उन नबी, मुफ्ती इरफान अहमद और डॉ. अदील अहमद राथर ने जमीर अहमद को एक राइफल, एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस दिए थे। तुफैल अहमद भट और जमीर अहमद, दोनों आतंकी संगठन अंसार गजवत- अल-हिंद से जुड़े हैं।
आरोपियों को जम्मू और कश्मीर पुलिस द्वारा प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाया गया था। एनआईए ने आतंकी गतिविधियों के पीछे की साजिश जानने के लिए 15 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों को दस दिन की एनआईए की हिरासत में भेज दिया है।
बता दें कि दस नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला के पास एक कार में धमाका हुआ था, जिसकी योजना उमर उन नबी ने बनाई थी। इस हमले में उमर उन नबी मारा गया था। इस धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी।
एनआईए ने सबसे पहले आमीर राशिद मीर को 16 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जसिर बिलाल, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, शोएब को अलग-अलग दिनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
जांच की अवधि 45 दिन के लिए बढ़ी थी
बता दें कि 13 फरवरी को एनआईए ने दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच पूरी करने के लिए 90 दिन का विस्तार मांगा था। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष एनआईए अदालत ने नवंबर 2025 के दिल्ली धमाके मामले की जांच पूरी करने के लिए 45 दिन की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया था।










