छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिंदी माध्यम विद्यालय, कोंटा में वार्षिकोत्सव ‘तरंग 2025-26’ का गरिमामय आयोजन हुआ। 

लीलाधर राठी- सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पीएम श्री स्कूल योजनांतर्गत पी एम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिंदी माध्यम विद्यालय, कोंटा में वार्षिकोत्सव 'तरंग' 2025-26 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन विद्यालय परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह के साथ ही पूर्व विद्यार्थी समागम (एलुमिनी मीट) का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप प्रदान किया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत अध्यक्ष कुसुमलता कवासी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष साईं रेड्डी, जिला महामंत्री बलिराम नायक, जनपद सदस्य मड़कम भीमा, कवासी जानकी, तेलम हिड़मे, भाजपा कोंटा मंडल अध्यक्ष सुभाष चतुर्वेदी, महामंत्री पुल्ली गोलू, नगर पंचायत कोंटा के पार्षद पी. विजय नायडू, ग्राम पंचायत इंजरम के सरपंच सलवम राजाराव, सेमल नरेश, सेमल नागमणि, भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी अमितेश सिंह एवं पवन सिद्धू, भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी अन्नपूर्णा दुबे और आशालता हलधर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में ये हुए शामिल
कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी, जनपद पंचायत के सीईओ एवं डिप्टी कलेक्टर सुमीत धुर्व, तहसीलदार गिरीश निंबालकर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पी. श्रीनिवास, प्राचार्य महाविद्यालय सुरेश बाबू, प्राचार्य पीएम श्री सेजस बी.एल. औरसा, प्रधान अध्यापक टी. श्रीनिवास राव, व्याख्याता मनीषा कोसमा, बड़ी संख्या में पालक, अभिभावक, विद्यार्थी और संस्था के समस्त शिक्षक कार्यक्रम में शामिल हुए।

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने मोह लिया मन
कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी, सुकमा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। स्वागत भाषण में डीईओ ने पीएम श्री स्कूल योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास हेतु समुचित अवसर उपलब्ध कराना है। समारोह की शुरुआत स्वागत नृत्य से हुई। कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें देशभक्ति गीत, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुति एवं समूह गान शामिल रहे। विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।

मेधावी विद्यार्थियों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पूर्व छात्र समागम (एलुमिनी मीट) रहा। संस्था के पूर्व छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उनका पारंपरिक स्वागत कर स्मृति चिह्न भेंट किए। पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यालय में बिताए अपने स्वर्णिम क्षणों को साझा करते हुए कहा कि इसी संस्था ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और आज वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस अवसर पर कक्षा पहली से बारहवीं तक के अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के मेधावी विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में विद्यार्थियों के चेहरे पर प्रसन्नता स्पष्ट झलक रही थी।

उत्साह और अनुशासन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
अपने संबोधन में जनपद पंचायत अध्यक्ष कुसुमलता कवासी एवं जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि, शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और आत्मविश्वास का आधार है। उन्होंने कहा कि, विद्यालय में जिस उत्साह और अनुशासन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, वह विद्यार्थियों की प्रतिभा और शिक्षकों के समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मविश्वास का विकास होता है।

प्रधान अध्यापक ने किया सभी का आभार व्यक्त 
इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं और उनमें आत्मविश्वास का संचार करते हैं। उन्होंने विद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। अन्य अतिथियों ने भी अपने उद्बोधन में विद्यालय की प्रगति एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन संस्था के शिक्षिका कुमारी लक्ष्मी मरकाम और शैलजा बोड्डू ने किया। समापन अवसर पर प्रधान अध्यापक ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। 'तरंग' वार्षिकोत्सव ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि विद्यालय और समाज के मध्य सशक्त संबंधों को भी सुदृढ़ किया।