वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 1.72 लाख करोड़ के बजट में बस्तर और सरगुजा के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, उद्योग और सड़क निर्माण पर अब तक का सबसे बड़ा निवेश किया गया।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 24 फरवरी को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ का महत्वाकांक्षी बजट प्रस्तुत किया। 'मैं छत्तीसगढ़ की माटी से तिलक लगाकर आया हूं'- इस शेर के साथ बजट भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने इस वर्ष की थीम ‘संकल्प’ रखी और इसे राज्य के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया।

नवगठित राज्य के प्रथम 5 हजार करोड़ के बजट से 35 गुना बढ़कर वर्तमान बजट 1.72 लाख करोड़ तक पहुंचना, छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का प्रमाण बताया गया। इस बजट को विकास का नया मील का पत्थर बताते हुए कहा गया कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा की गति से जोड़ना सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है। इसीलिए शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, सिंचाई से लेकर कनेक्टिविटी और आजीविका से लेकर उद्योग तक हर क्षेत्र में बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

बस्तर-सरगुजा में दो नई शिक्षा सिटी की स्थापना
बजट में सबसे प्रमुख घोषणा अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई शिक्षा सिटी की स्थापना की रही। दंतेवाड़ा की शिक्षा सिटी मॉडल को आधार बनाकर इन दोनों क्षेत्रों में आधुनिक शैक्षणिक संरचना विकसित की जाएगी। 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये शिक्षा सिटी आदिवासी अंचल में उच्च स्तरीय शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर प्रदान करेंगी। इन परियोजनाओं से भविष्य में रोजगार और स्थानीय क्षमता विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार आधारित उद्योगों के लिए 100 करोड़ का बड़ा प्रावधान
बस्तर और सरगुजा के लिए इस बजट में रोजगार आधारित उद्योगों को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अलाईट कृषि क्षेत्र और एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग जैसे सेक्टरों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन सेक्टरों में निवेश बढ़ने से किसानों और युवाओं दोनों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बस्तर और सरगुजा को महत्वपूर्ण लाभ मिला है। कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा के मेडिकल कॉलेजों के विकास और विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इन मेडिकल संस्थानों के विस्तार से दूरस्थ और आदिवासी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी निर्मित होंगे।

सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को मिलेगी नई शक्ति
दोनों संभागों में सिंचाई संरचना को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल की गई हैं। कांकेर में मेढकी बैराज, बीजापुर में मट्टीमारका डायवर्सन योजना, बस्तर में महादेवघाट बैराज, जशपुर में पमशाला एनीकट लिफ्ट इरीगेशन और अंबिकापुर में सरगंवा बैराज जैसी परियोजनाओं से कृषि कार्यों को नई गति मिलेगी। ये परियोजनाएँ भूमिगत जल स्तर सुधारने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने और किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि का आधार बनेंगी।

विकास प्राधिकरणों को 150 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात
बस्तर और सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरणों को 75-75 करोड़ रुपये का प्रावधान देकर सरकार ने इन क्षेत्रों में योजनाओं और विकास कार्यों को तेज करने का स्पष्ट संदेश दिया है। इन प्राधिकरणों को मिलने वाले इस फंड से इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार आधारित परियोजनाओं को तेजी से क्रियान्वित किया जा सकेगा।

खेल, पर्यटन, इंटरनेट और आजीविका को भी मिला बल
बस्तर और सरगुजा में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए भी कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। बस्तर–सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़, बस्तर नेट परियोजना के लिए 5 करोड़, होमस्टे पॉलिसी के लिए 10 करोड़ और मुख्यमंत्री बस सेवा के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इसी तरह मैनपाट क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ तथा बकरी, शूकर और मधुमक्खी पालन जैसी आजीविका आधारित गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

सड़क निर्माण- कनेक्टिविटी को नई गति

  • जाटलूर–इतमपारा–भैरमगढ़ : 28 करोड़
  • कुतुल–ओरछा : 20 करोड़
  • इतुलवाड़ा–तुमनार : 20 करोड़
  • चेरपाल–गुटुमपाली : 20 करोड़
  • मुचनार–बारसूर : 9 करोड़
  • ज्ञानी ढाबा–दुधावा–बिरगुड़ी : 11 करोड़
  • कुन्ना–मिचवार पुल : 7 करोड़
  • NH-43 लुचकी घाट–NH-343 रामानुजगंज : 7 करोड़
  • बलरामपुर–रामानुजगंज रिंग रोड : 10 करोड़
  • आगडीह–नीमगांव : 8 करोड़
  • पण्ड्रापाठ–भड़िया : 12 करोड़
  • तेलगांव–बुंदिया चौक : 7 करोड़
  • कोरिया–चिरमिरी : 10 करोड़

बस्तर और सरगुजा के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजटीय पैकेज
वर्ष 2026-27 का बजट यह स्पष्ट करता है कि सरकार ने बस्तर और सरगुजा को अब अपने विकास मॉडल का केंद्रीय फोकस बना लिया है। शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और सड़क कनेक्टिविटी हर क्षेत्र में किए गए रिकॉर्ड प्रावधान आने वाले वर्षों में इन दोनों संभागों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे। ‘संकल्प बजट’ वास्तव में बस्तर और सरगुजा के पुनर्निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।