Pappu Yadav Bail News: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें उन सभी मामलों में जमानत दे दी है, जिनमें वे न्यायिक हिरासत में थे।
कोर्ट ने पटना के कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थानों में दर्ज केस के साथ-साथ पूर्णिया के एक अन्य मामले में भी उन्हें बेल दे दी है। इन मामलों में उन पर धरना-प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप था। जमानत मिलने की खबर मिलते ही बेऊर जेल के बाहर जुटे उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं सांसद
जमानत मिलने के बाद अब पप्पू यादव की रिहाई के लिए कानूनी कागजी कार्यवाही (बेल बॉन्ड भरने की प्रक्रिया) तेजी से चल रही है। उनके वकीलों और समर्थकों ने उम्मीद जताई है कि शुक्रवार शाम तक वे बेऊर जेल से बाहर आ जाएंगे।
सत्यमेव जयते!
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) February 13, 2026
सभी मुकदमों में जमानत हो गई है
सांसद पप्पू यादव जी शीघ्र आज़ाद होंगे
वह न्याय इंसाफ़ के लिए सदैव लड़ेंगे
नाइंसाफी-अन्याय को बर्दाश्त न किया है
न वह करेंगे!
- PAPY
इससे पहले स्वास्थ्य खराब होने की शिकायतों के चलते उन्हें पीएमसीएच (PMCH) भी ले जाया गया था, लेकिन रिपोर्ट सामान्य आने पर उन्हें वापस जेल भेज दिया गया था। कोर्ट परिसर में बम की अफवाहों के कारण पिछले दो दिनों से सुनवाई में बाधा आ रही थी, लेकिन शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई।
6 फरवरी की रात हुई थी गिरफ्तारी
पप्पू यादव को 6 फरवरी की रात उनके पटना स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी साल 1993 के एक पुराने मामले में जारी वारंट के आधार पर हुई थी। 31 साल पुराने इस केस में गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत में जबरदस्त उबाल देखा गया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी इस गिरफ्तारी को लेकर सरकार की आलोचना की थी। हालांकि उस पुराने मामले में उन्हें पहले ही बेल मिल गई थी, लेकिन नए केसों में रिमांड किए जाने के कारण उनकी जेल यात्रा बढ़ गई थी।
समर्थकों में उत्साह
पप्पू यादव की रिहाई की खबर मिलते ही पटना से लेकर पूर्णिया तक उनके समर्थक जश्न मना रहे हैं। सांसद के वकील ने बताया कि कोर्ट ने सभी पहलुओं को देखने के बाद उन्हें जमानत प्रदान की है। अब औपचारिकताएं पूरी होते ही वे जेल से मुक्त हो जाएंगे।
गौरतलब है कि पप्पू यादव नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्रों की मौत के मामले में लगातार मुखर रहे हैं, जिसे उनके समर्थक उनकी गिरफ्तारी की मुख्य वजह बताते रहे हैं।









