UK AI Minister Kanishk Narayan Bihar Visit: मुजफ्फरपुर की गलियों से निकलकर लंदन की संसद तक का सफर तय करने वाले कनिष्क नारायण ने आज बिहार का नाम विश्व पटल पर रोशन कर दिया है। ब्रिटेन की सरकार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री कनिष्क नारायण 23 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी मातृभूमि लौटे हैं। उनकी यह यात्रा केवल एक आधिकारिक दौरा नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी की महक और बचपन की यादों को फिर से जीने की एक भावनात्मक कोशिश है।
बचपन की गलियां और शाही लीची की यादें
नवंबर 1989 में मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर में जन्मे कनिष्क नारायण का बचपन छाता चौक की गलियों में बीता। उनके दादा कृष्ण कुमार डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के अध्यक्ष थे, वहीं उनके चाचा जयंत कुमार प्रतिष्ठित एसकेजे लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल रहे। कनिष्क ने अपनी शुरुआती पढ़ाई प्रभात तारा स्कूल से की।
महज 12 साल की उम्र में वे अपने परिवार के साथ पहले दिल्ली और फिर वेल्स (ब्रिटेन) चले गए। 23 साल बाद जब वे वापस मुजफ्फरपुर पहुंचे, तो उन्होंने अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। कनिष्क ने बताया कि उन्हें आज भी मुजफ्फरपुर की शाही लीची और आम का स्वाद याद है।
शिक्षा का सफर: ऑक्सफोर्ड से स्टैनफोर्ड तक
कनिष्क की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट शिक्षा का बड़ा हाथ है। ब्रिटेन जाने के बाद उन्होंने स्कॉलरशिप पर मशहूर ईटन कॉलेज (Eton College) में दाखिला लिया। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से राजनीति, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र (PPE) में स्नातक किया।
#WATCH | Patna, Bihar | United Kingdom's AI Minister Kanishka Narayan met National Working President of the JD(U) Sanjay Kumar Jha at his residence.
— ANI (@ANI) February 21, 2026
United Kingdom's AI Minister Kanishka Narayan says, "It's a real pleasure to be here in Bihar. I was born here and so I'm back… https://t.co/658byuRuoO pic.twitter.com/enIybbMF7U
शिक्षा का यह सफर यहीं नहीं रुका, वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की। उनकी यह शैक्षिक यात्रा आज बिहार और देश के करोड़ों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।
ब्रिटिश कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी
राजनीति के प्रति कनिष्क का झुकाव कम उम्र में ही हो गया था और वे 18 साल की उम्र में लेबर पार्टी से जुड़ गए। राजनीति में आने से पहले उन्होंने ब्रिटिश सिविल सर्विस में भी अपनी सेवाएं दीं। 4 जुलाई 2024 को वे वेल्स लेबर पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गए और वेल्स से चुने जाने वाले पहले भारतीय मूल के सांसद बने। सितंबर 2025 में उनकी काबिलियत को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने उन्हें एआई (AI) और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। आज वे वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की नीतियों पर काम कर रहे हैं।
बदले हुए बिहार को देख हुए गदगद
दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में भाग लेने के बाद कनिष्क विशेष रूप से बिहार आए। पटना पहुंचने पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मिथिला की परंपरा के अनुसार उनका भव्य स्वागत किया। कनिष्क ने कहा कि 23 साल बाद बिहार की सूरत पूरी तरह बदल गई है। राज्य में हुई तरक्की को देखकर वे काफी प्रसन्न हैं।
Glad to meet Shri Kanishka Narayan, Minister for AI and Online Safety, UK at my residence.
— Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) February 21, 2026
We had a constructive discussion on emerging technologies, artificial intelligence, digital governance, and the evolving frameworks required to ensure online safety and responsible… pic.twitter.com/cYs8CT6nwP
अपनी यात्रा के कनिष्क, मुजफ्फरपुर के एसकेजे लॉ कॉलेज भी गए, जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया और उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।









