Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरान घाटी, जो आमतौर पर अपने शांत वातावरण और सुंदरता के लिए जानी जाती है, 21 अप्रैल को खून से लाल हो गई। परिवारों और नवविवाहित जोड़ों के लिए यह जगह सुकून देने वाली होनी चाहिए थी, लेकिन आतंकियों की गोलियों ने उसे मौत का मैदान बना दिया। आतंकियों ने तड़-तड़ गोलियां बरसाईं, जिससे 27 जिंदगियां बुझ गईं। पढ़िए दिल दहला देने वाली 7 कहानी
1. छुट्टी पर आए नवविवाहित नौसेना अधिकारी की हत्या
26 वर्षीय लेफ्टिनेंट विनय नरवाल, जो हाल ही में शादी करके कोच्चि से छुट्टी पर आए थे, आतंकियों का निशाना बन गए। उनका सपना था अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत शांत पहाड़ों में करने का, लेकिन आतंक ने उनकी कहानी अधूरी छोड़ दी।
2. धर्म पूछकर सिर में गोली मारी गई
कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह कलमा नहीं पढ़ सके। पत्नी के सामने उन्हें गोली मारी गई और कहा गया, “सरकार से जाकर कहो हमने क्या किया।”
3. पुणे के व्यापारी को कलमा न पढ़ पाने पर मारी गोली
संतोष जगदाले की बेटी असावरी ने बताया कि उनके पिता को आतंकियों ने पहले धमकाया और फिर गोली मार दी। हमलावरों ने आरोप लगाया कि पर्यटक मोदी सरकार का समर्थन करते हैं।
4. पत्नी-बच्चे के सामने मारे गए कर्नाटक के मंजीनाथ
पल्लवी ने बताया कि जब उन्होंने आतंकियों से कहा कि उन्हें भी मार दें, तो जवाब मिला, “जा, मोदी को बता देना।” उनकी आँखों के सामने पति की जान चली गई।
5. बंगाल के IB अधिकारी को कार से उतार कर गोली मारी गई
मनोज रंजन अपने परिवार के साथ यात्रा पर थे। आतंकियों ने पत्नी और बेटे को जाने दिया, लेकिन उन्हें पास से गोली मार दी। वे हैदराबाद में तैनात थे।
6. ईसाई पहचान पर मौत मिली
इंदौर निवासी सुशील नाथनिएल ने जब अपना धर्म ईसाई बताया, तो आतंकियों ने उन्हें वहीं गोली मार दी। उन्होंने अपनी पत्नी को छिपा लिया था ताकि वह बच सकें।
7. बंफपुरी खाते हुए... और गोलियों की बरसात
एक महिला ने बताया कि जब वह अपने पति के साथ बंफपुरी खा रही थीं, तभी झाड़ियों से निकलकर हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बैसरान की खूबसूरत घाटी पल भर में खौफ का मंजर बन गई।