West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने बुधवार शाम 19 उम्मीदवारों की अपनी तीसरी सूची जारी की। इस सूची में उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी बनाया गया है।
रत्ना देबनाथ उसी प्रशिक्षु डॉक्टर की मां हैं, जिनकी अगस्त 2024 में आरजी कर अस्पताल में बलात्कार के बाद नृशंस हत्या कर दी गई थी। बीजेपी का यह कदम राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को चुनाव के केंद्र में लाने की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश मानी जा रही है।
'न्याय की लड़ाई' को चुनावी मैदान तक ले गईं रत्ना देबनाथ
बीजेपी उम्मीदवार घोषित होने के बाद रत्ना देबनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका चुनाव लड़ने का फैसला पूरी तरह से अपनी बेटी के लिए न्याय हासिल करने की जिद से जुड़ा है।
उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से न्याय के लिए वे दर-दर भटक रही हैं, लेकिन व्यवस्था से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। रत्ना देबनाथ के अनुसार, "यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं की है जो असुरक्षित महसूस करती हैं। यदि मैं जीतती हूँ, तो यह पानीहाटी की जनता की जीत होगी।" उन्होंने टीएमसी के स्थानीय नेताओं पर भी बेटी के हत्यारों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
तीसरी सूची के अन्य प्रमुख उम्मीदवार और रणनीतिक सीटें
बीजेपी ने अब तक कुल 274 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। तीसरी सूची में रत्ना देबनाथ के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं:
दीपांजन चक्रवर्ती: पूर्व एनएसजी (NSG) कमांडो दीपांजन चक्रवर्ती को हुगली जिले की उत्तरपाड़ा सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया है।
डॉ. शंकर गुच्छैत: इन्हें मेदिनीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से टिकट दिया गया है।
रथींद्र नाथ बोस: कूचबिहार दक्षिण से अपनी किस्मत आजमाएंगे।
सूची में राजगंज से दिनेश सरकार, इस्लामपुर से चित्रजीत रॉय और हावड़ा मध्य से बिप्लब मंडल के नाम प्रमुखता से शामिल हैं।
टीएमसी का पलटवार और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया
रत्ना देबनाथ के चुनावी मैदान में उतरने पर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार का बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस दुखद घटना का राजनीतिकरण कर रही है। कुणाल घोष ने हाथरस और उन्नाव जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या रत्ना देबनाथ को उन राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा की चिंता नहीं है जहाँ बीजेपी की सरकार है।
टीएमसी का कहना है कि कोलकाता पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को पकड़ लिया था, जबकि सीबीआई की जांच अभी भी किसी नतीजे पर नहीं पहुँची है।
पानीहाटी सीट का समीकरण और आगामी मुकाबला
पानीहाटी विधानसभा सीट पर अब मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है। यहाँ रत्ना देबनाथ का सीधा मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के तीर्थंकर घोष और सीपीआई (एम) के कलतान दासगुप्ता से होगा। 2021 के चुनावों में यह सीट टीएमसी के पास थी, लेकिन आरजी कर मामले के बाद इस क्षेत्र में उपजा आक्रोश चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। बंगाल में 294 सीटों के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे।