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Closing Bell: आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। सेंसेक्स 1,000 से ज्यादा अंक टूटा और निफ्टी 25450 के नीचे बंद हुआ। एआई का डर, महंगा तेल गिरावट की बड़ी वजह बने।

Closing Bell: शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार दबाव में आ गया। कारोबार खत्म होने तक सेंसेक्स 1068.74 अंक यानी 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 288.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत टूटकर 25424.65 पर क्लोज हुआ। 

दिन के दौरान गिरावट और गहरी हो गई थी। एक समय सेंसेक्स 1360 अंक लुढ़ककर 81934.73 तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी भी करीब 385 अंक गिरकर 25327.60 तक फिसल गया और 25350 के अहम स्तर के नीचे चला गया।

आईटी शेयरों में बिकवाली ने बढ़ाया दबाव
आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण निवेशकों ने आईटी कंपनियों के शेयर तेजी से बेचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक एआई टूल्स अब पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपग्रेड करने का काम सस्ता और आसान बना सकते। इससे पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ने का डर बढ़ गया।

इसी वजह से निफ्टी आईटी इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। निफ्टी के शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस और इटरनल सबसे बड़े गिरने वाले शेयरों में रहे। इनमें करीब 4 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई। हालांकि पूरी तरह नकारात्मक माहौल के बीच कुछ शेयरों ने हल्की बढ़त भी दिखाई। पावर ग्रिड और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में करीब आधा प्रतिशत तक की तेजी रही लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए काफी नहीं थी।

बाजार की चौड़ाई भी कमजोर
मंगलवार के कारोबार में गिरावट का दायरा भी काफी बड़ा रहा। लगभग 1382 शेयर बढ़त में बंद हुए जबकि 2670 शेयरों में गिरावट आई। 129 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे और दोनों इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत तक नीचे आ गए।

रुपये पर भी दबाव बढ़ा
मुद्रा बाजार में भी रुपये पर दबाव देखने को मिला। रुपया डॉलर के मुकाबले 6 पैसे कमजोर होकर 90.95 पर बंद हुआ। मजबूत डॉलर, महंगे कच्चे तेल और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता ने रुपये को दबाव में रखा।

वैश्विक संकेत भी कमजोर
दुनिया के दूसरे बाजारों से भी खास सकारात्मक संकेत नहीं मिले। एशियाई बाजार सुस्त रहे जबकि अमेरिकी बाजार पिछली रात करीब 2 प्रतिशत तक गिरकर बंद हुए थे। व्यापार नीतियों और टैरिफ को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

एक्सपायरी से बढ़ी हलचल
मंगलवार को निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की साप्ताहिक एक्सपायरी भी थी। ऐसे दिनों में ट्रेडर्स अपनी पोजिशन काटते या बदलते हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है।

कच्चे तेल की कीमत भी बनी चिंता
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए महंगा तेल चिंता का विषय होता है क्योंकि इससे महंगाई और व्यापार घाटा दोनों बढ़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी हाल के सत्रों में 25700 के ऊपर टिक नहीं पाया, जिससे तेजी की रफ्तार कमजोर दिख रही। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निवेशक वैश्विक संकेतों पर नजर रखेंगे।
(प्रियंका कुमारी)

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