(मंजू कुमारी)
नई पॉलिसी अपनाने वाली पहली कंपनी बन सकती है टाटा मोटर्स
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी टेस्ला भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारों का इंपोर्ट शुरू करने वाली है और वह देश में निवेश करने की योजना बना रही है, लेकिन अगर टाटा का प्लान लागू होता है तो वह इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चलन को बढ़ाने के लिए लाई गई पॉलिसी को अपनाने वाली पहली भारतीय कार मैन्यूफ्रैक्चरर कंपनी बन जाएगी। हालांकि, गुरुवार को टाटा ग्रुप के स्पोक्सपर्सन ने इस मामले पर कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया।
तमिलनाडु में जेएलआर कारों का प्रोडक्शन शुरू होगा?
टाटा ने सरकार पर घरेलू इंडस्ट्री की सिक्योरिटी के लिए ड्यूटी कम नहीं करने की मांग की थी। अब टाटा और जेएलआर ईवी पॉलिसी के तहत सब्सिडी के लिए आवेदन करने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि टाटा नई पॉलिसी के तहत जेएलआर (ईवी) का इंपोर्ट करना चाहता है। टाटा ब्रिटेन से जेएलआर ईवी आयात करने का प्लान बना रहा है। साथ ही वह तमिलनाडु में 1 बिलियन डॉलर के प्रोडक्शन प्लांट में जेएलआर कारों का प्रोडक्शन भी शुरू कर सकता है। हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि टाटा वहां कौन सी जेएलआर कारें बनाएगा।
EV पॉसिली पर चर्चा के लिए सरकार ने बुलाई मीटिंग
- बता दें कि मार्च में लॉन्च हुई ईवी पॉलिसी के मुताबिक, अगर कोई कार निर्माता भारत में कम से कम 500 मिलियन डॉलर का निवेश करता है और तीन साल के भीतर एक घरेलू प्रोडक्शन प्लांट स्थापित करता है, तो कुछ ईवी मॉडलों पर इंपोर्ट टैक्स को 100% से घटाकर 15% कर दिया जाएगा।
- एक अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार ने पॉलिसी को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को कार इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस मीटिंग में हुंडई मोटर कंपनी, विनफास्ट, वोक्सवैगन, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टोयोटा मोटर कंपनी और अन्य ने हिस्सा लिया। टेस्ला का एक प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहा।










