ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हथियार उत्पादन चार गुना बढ़ाने का ऐलान किया है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ कहा कि देश कभी भी बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

Iran US Israel conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते युद्ध के बीच बड़ा सैन्य ऐलान किया है। ट्रंप ने अमेरिकी डिफेंस कंपनियों के साथ बैठक के बाद कहा कि अमेरिका अपने हथियारों का उत्पादन चार गुना तक बढ़ाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है और मध्य पूर्व में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था और पिछले आठ दिनों से दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इजरायल समेत क्षेत्र के 10 से अधिक देशों को निशाना बनाया है, जबकि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं।

ट्रंप ने  “उत्तम श्रेणी के हथियारों” का उत्पादन चार गुना बढ़ाया 
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिका की प्रमुख रक्षा निर्माण कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक की। इस बैठक में हथियारों के उत्पादन और सप्लाई शेड्यूल पर चर्चा हुई। ट्रंप के मुताबिक कंपनियां अब “उत्तम श्रेणी के हथियारों” का उत्पादन चार गुना तक बढ़ाने पर सहमत हो गई हैं ताकि सैन्य जरूरतों को तेजी से पूरा किया जा सके।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड के गोला-बारूद की लगभग असीमित आपूर्ति है। उनके अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल फिलहाल ईरान के खिलाफ ऑपरेशनों में किया जा रहा है और हाल ही में वेनेजुएला में भी किया गया था।

बैठक में BAE Systems, Boeing, Honeywell Aerospace, L3Harris Missile Solutions, Lockheed Martin, Northrop Grumman और RTX (Raytheon) जैसी बड़ी रक्षा कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। ट्रंप ने कहा कि नए हथियार प्लांट लगाने के लिए अमेरिका के कई राज्य प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जो रक्षा उद्योग में बड़े निवेश का संकेत है।

ईरान के राष्ट्रपति ने खारिज की अमेरिकी आत्मसमर्पण की मांग
दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका की मांगों को सख्ती से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की थी। इसके जवाब में पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा और ईरान किसी भी कीमत पर आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों पर हमले तब तक नहीं किए जाएंगे जब तक उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए न किया जाए। ईरानी मीडिया के मुताबिक अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है।

मध्य पूर्व में तनाव चरम पर 
संघर्ष के आठवें दिन भी क्षेत्र में हमले जारी हैं। अमेरिका-इजरायल की बमबारी और ईरान की जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हालांकि पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के ईरान के संकेत से क्षेत्रीय स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।