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अफगान फोर्सेज ने 5 दिन की जंग में 150 पाक सैनिकों को मारने और 40 सैन्य चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया है।

नई दिल्ली : अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर जारी तनाव अब एक पूर्ण सशस्त्र संघर्ष में तब्दील हो चुका है। बीते पांच दिनों से दोनों देशों की सेनाओं के बीच भयंकर लड़ाई चल रही है, जिसमें तालिबान ने पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया है। इस संघर्ष के कारण सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता बढ़ गई है और हजारों नागरिक विस्थापित होने को मजबूर हैं।

​पाकिस्तान के 150 सैनिक मारे गए, 200 घायल

​अफगान सीमा बलों के प्रवक्ता अबीदुल्लाह उकाब ने दावा किया है कि पिछले 5 दिनों की लड़ाई में पाकिस्तानी सेना के 150 सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा, लगभग 200 पाकिस्तानी सैनिक बुरी तरह घायल हुए हैं। अफगान पक्ष का कहना है कि उन्होंने यह कामयाबी तालिबान-अफगान लड़ाकों की आक्रामक कार्रवाई के दम पर हासिल की है।

​40 सैन्य चौकियों और 4 बेस पर तालिबान का कब्जा

​तालिबान ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी जीत का दावा करते हुए कहा कि अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तान की 40 सैन्य चौकियों और 4 प्रमुख बेस पर कब्जा कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अफगान लड़ाके पाकिस्तानी पोस्ट पर कब्जा करते और वहां से हथियार व वायरलेस सेट लूटते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कई पाकिस्तानी सैनिक हथियार छोड़कर भागते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।

​जासूसी करने आए पाकिस्तानी ड्रोन तबाह

​अफगान फोर्सेज ने दावा किया है कि उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए कई जासूसी ड्रोनों को मार गिराया है। प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगान फोर्सेज की जासूसी करने के लिए स्मॉल इंटेलिजेंस ड्रोन भेजे थे, जिन्हें समय रहते ट्रैक कर डिस्ट्रॉय कर दिया गया।

​पाकिस्तान का पलटवार और लड़ाकों को मारने का दावा

​अफगानिस्तान के दावों के विपरीत, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि उन्होंने तालिबान के सैकड़ों लड़ाकों को मार गिराया है। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए अफगान सीमा के भीतर कई ठिकानों पर फिर से नियंत्रण पा लिया है। हालांकि, पाकिस्तानी सरकार या सेना ने अपने सैनिकों की मौत के आंकड़ों पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

​अंतरराष्ट्रीय संगठनों की शांति की अपील

​सीमा पर चरम तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि इस सशस्त्र संघर्ष से न केवल क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी, बल्कि मानवीय संकट भी गहरा सकता है। विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि नागरिक विस्थापन को रोका जा सके।

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